Edited By Anu Malhotra,Updated: 23 Sep, 2026 02:54 PM

मलयालम थिएटर और सिनेमा जगत की मशहूर अभिनेत्री सावित्री श्रीधरन का बुधवार, 23 सितंबर को निधन हो गया। वे 83 वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्होंने कोझिकोड के मनकावु स्थित अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस...
बेंगलुरू: मलयालम थिएटर और सिनेमा जगत की मशहूर अभिनेत्री सावित्री श्रीधरन का बुधवार, 23 सितंबर को निधन हो गया। वे 83 वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्होंने कोझिकोड के मनकावु स्थित अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस ली। साल 2018 में आई चर्चित मलयालम फिल्म 'सुदानी फ्रॉम नाइजीरिया' में एक मां का यादगार किरदार निभाकर उन्होंने देशभर के सिनेमा प्रेमियों का दिल जीत लिया था।
चार दशकों से ज़्यादा समय तक कोझिकोड के कई थिएटर ग्रुप्स से जुड़ी रहीं सावित्री को 'सुदानी फ्रॉम नाइजीरिया' में मां का किरदार निभाने के बाद पहचान मिली। इस किरदार के लिए उन्हें 2018 में 66वें नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स में 'स्पेशल मेंशन' मिला।
एक कड़े राजनीतिक बयान के तौर पर, सावित्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध में 2019 में आयोजित अवॉर्ड सेरेमनी का बहिष्कार करने का फ़ैसला किया। उन्होंने 'सुदानी' की बाकी क्रू टीम के साथ मिलकर यह विरोध किया और कहा कि यह कानून लोगों को धर्म के आधार पर बांटता है।
मलयालम थिएटर की दुनिया में एक अनुभवी हस्ती रहीं सावित्री, कोझिकोड के मशहूर थिएटर ग्रुप्स जैसे कलिंगा, संगमम, स्टेज इंडिया और चिरंथना थिएटर्स से जुड़ी थीं। अपने शानदार थिएटर करियर में उन्होंने हज़ारों नाटकों में कई सशक्त महिला किरदार निभाए।
उनके हुनर के लिए उन्हें 1977 और 1993 में केरल सरकार का 'बेस्ट थिएटर आर्टिस्ट' अवॉर्ड और 2009 में नाटक के लिए 'केरल संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड' मिला। सावित्री ने 1991 में एम.टी. वासुदेवन नायर की लिखी, निर्देशित और प्रोड्यूस की गई मलयालम फ़िल्म 'कदावु' से सिल्वर स्क्रीन पर डेब्यू किया। 'सुदानी फ्रॉम नाइजीरिया' में अपनी भूमिका से पहले, वह सलीम बावा की 2010 की मलयालम फ़िल्म 'वलियांगडी' और कुछ शॉर्ट फ़िल्मों में भी नज़र आई थीं।
2018 के नेशनल अवॉर्ड्स में 'स्पेशल मेंशन' के अलावा, 'सुदानी' के लिए उन्हें 'बेस्ट कैरेक्टर एक्ट्रेस' का केरल स्टेट अवॉर्ड, 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस-मलयालम' का फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड और 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस' का एशियाईनेट अवॉर्ड भी मिला। सावित्री ने कई अन्य मलयालम फ़िल्मों में भी काम किया, जिनमें 'वायरस', 'पाडा', 'इट्टीमनी फ्रॉम चाइना', 'पाप्पन' और 'क्रिस्टी' जैसी फ़िल्में शामिल हैं।