Edited By Rohini Oberoi,Updated: 27 Jun, 2026 04:41 PM

ओडिया और बांग्ला सिनेमा को अपनी जादुई नजर से खूबसूरत बनाने वाले फेमस सिनेमैटोग्राफर (छायाकार) दिलीप राय का निधन हो गया है। एक संक्षिप्त बीमारी के बाद भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में उन्होंने शुक्रवार रात अंतिम सांस ली। वह 72 वर्ष के थे। आज उनके...
Dilip Ray Cinematographer Dead : ओडिया और बांग्ला सिनेमा को अपनी जादुई नजर से खूबसूरत बनाने वाले फेमस सिनेमैटोग्राफर (छायाकार) दिलीप राय का निधन हो गया है। एक संक्षिप्त बीमारी के बाद भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में उन्होंने शुक्रवार रात अंतिम सांस ली। वह 72 वर्ष के थे। आज उनके परिवार ने इस दुखद खबर की पुष्टि की।
राय (72) ने शुक्रवार रात अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दिलीप राय के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे राज्य के सांस्कृतिक और कलात्मक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ओडिया फिल्म उद्योग को समृद्ध बनाने में उनका असाधारण कलात्मक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
उनका जाना हमारे कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कटक में 27 जुलाई 1954 को जन्मे दिलीप राय ने कई दशकों के अपने करियर की शुरुआत करने से पहले फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एफटीआई), बेंगलुरु से सिनेमैटोग्राफी (छायांकन) का प्रशिक्षण लिया था।
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राय को सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी के लिए पांच बार ओडिशा राज्य फिल्म पुरस्कार मिला था। उन्होंने 80 से अधिक ओडिया फीचर फिल्मों करीब 15 बांग्ला फिल्मों और कई छत्तीसगढ़ी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा उन्होंने वृत्तचित्रों (डॉक्यूमेंट्री) और टेलीविजन धारावाहिकों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी प्रमुख ओडिया फिल्मों में 'तिसंध्या', 'बाजे बैंसी नाचे घुंगुरा', 'चाका भौंरी', 'एई टा दुनिया', 'ममता रा डोरा', 'माझी पहाचा' और 'बिधिरा बिधान' शामिल हैं।