Edited By Tanuja,Updated: 30 Jun, 2026 07:15 PM

भारत में ऑस्ट्रिया के राजदूत Robert Zischg ने कहा कि ऑस्ट्रिया चाहता है कि भारतीय छात्र वहां खुद को घर जैसा महसूस करें। इसके लिए विशेष ऑनबोर्डिंग कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच अधिक उच्चस्तरीय यात्राओं और व्यापारिक सहयोग...
International Desk: भारत में ऑस्ट्रिया के राजदूत रॉबर्ट ज़िशग (Robert Zischg) ने कहा है कि ऑस्ट्रिया चाहता है कि वहां उच्च शिक्षा के लिए आने वाले भारतीय छात्र खुद को अकेला महसूस न करें। इसी उद्देश्य से भारत-ऑस्ट्रिया मोबिलिटी और माइग्रेशन समझौते के तहत एक विशेष ऑनबोर्डिंग कार्यक्रम शुरू किया गया है। राजदूत ने बताया कि 2023 में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच मोबिलिटी और माइग्रेशन पर समझौता हुआ था। इसके तहत भारतीय छात्रों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रिया के सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल के लिए भी पहले से तैयार किया जाता है।
इस कार्यक्रम के तहत ऑस्ट्रिया में पहले से पढ़ रहे भारतीय छात्र नए छात्रों का स्वागत करेंगे। वे उन्हें स्थानीय संस्कृति, रहन-सहन और शहर से परिचित कराएंगे, ताकि वे शुरुआत से ही सहज महसूस करें। राजदूत ने कहा कि कई छात्र पहली बार विदेश जाते हैं और वहां अकेलापन महसूस करते हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्हें एक मजबूत सामाजिक नेटवर्क उपलब्ध कराना है। यह पहल Technical Universities Austria के तहत संचालित की जा रही है। इसमें वियना, ग्राज और लेओबेन के तकनीकी विश्वविद्यालय शामिल हैं। भारत की ओर से आईआईटी मुंबई, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बेंगलुरु सहित कई प्रमुख तकनीकी संस्थान इसमें सहयोग कर रहे हैं।
रॉबर्ट ज़िश्ग ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश शिक्षा, कौशल, रोजगार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियंत्रित और सुव्यवस्थित प्रवासन (Migration) दोनों देशों के लिए लाभदायक हो सकता है और इसे सकारात्मक दृष्टि से देखने की जरूरत है। राजदूत ने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और अधिक उच्चस्तरीय राजनीतिक यात्राएं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रिया के अर्थव्यवस्था मंत्री अगले वर्ष भारत आ सकते हैं। वहीं, ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री की भारत यात्रा भी इस वर्ष के अंत या अगले वर्ष की शुरुआत में संभव है। उन्होंने भारतीय मंत्रियों के ऑस्ट्रिया दौरे की भी उम्मीद जताई।
राजदूत के अनुसार, भारत में इस समय लगभग 160 ऑस्ट्रियाई कंपनियां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को भी सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे शुल्क और गैर-शुल्क बाधाएं कम होंगी और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी। रॉबर्ट ज़िश्ग ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के संबंध इस समय "अब तक के सबसे मजबूत स्तर" पर हैं। उन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रिया के चांसलर Christian Stocker की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री Narendra Modi की 2024 की वियना यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताया।