Edited By Mansa Devi,Updated: 02 Feb, 2026 02:10 PM

हमारे रोज़मर्रा के जीवन में कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें हम देखते तो हैं, लेकिन उनके पीछे के कारण के बारे में कभी नहीं सोचते। अक्सर हम इन्हें सिर्फ फैशन या किसी ट्रेंड का हिस्सा मानकर चल देते हैं। ऐसे ही कई रहस्यमय या अनजाने तौर-तरीके हमारे आसपास...
नेशनल डेस्क: हमारे रोज़मर्रा के जीवन में कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें हम देखते तो हैं, लेकिन उनके पीछे के कारण के बारे में कभी नहीं सोचते। अक्सर हम इन्हें सिर्फ फैशन या किसी ट्रेंड का हिस्सा मानकर चल देते हैं। ऐसे ही कई रहस्यमय या अनजाने तौर-तरीके हमारे आसपास मौजूद हैं, जिनके पीछे कोई पुरानी परंपरा या मान्यता छिपी होती है। शराब पीने से पहले कुछ बूंदें जमीन पर गिराने या हवा में छिड़कने की आदत भी ऐसी ही परंपरा है, जिसे आपने कई बार फिल्मों या असली जिंदगी में देखा होगा।
अक्सर शराब पीने वाले लोग गिलास में उंगली डालकर या सीधे हाथ से कुछ बूंदें जमीन पर गिराते हैं या हवा में छिड़कते हैं। यह दृश्य जितना आम लगता है, उतना ही इसके पीछे की कहानी रोचक है। विशेषज्ञों और पुरानी परंपराओं के अनुसार इसे मुख्य रूप से पूर्वजों या दिवंगत आत्माओं के प्रति सम्मान के तौर पर किया जाता है। इसे लिबेशन (Libation) भी कहा जाता है, जो सदियों से चली आ रही परंपरा है।
लिबेशन का अर्थ है कि शराब की पहली बूंद को पहले दिवंगत आत्माओं या पूर्वजों को अर्पित करना। माना जाता है कि इस तरह लोग अपने परिवार और पूर्वजों को याद करते हैं और उन्हें सम्मान देते हैं। इसके अलावा कुछ लोग इसे किस्मत बदलने या सौभाग्य बढ़ाने का तरीका भी मानते हैं। इस आदत को अपनाने वाले लोग यह मानते हैं कि इससे जीवन में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो शराब पीने से पहले बूंदें छिड़कने का कोई खास असर या कारण नहीं पाया गया है। यह पूरी तरह से सांस्कृतिक विश्वास, परंपरा या कभी-कभी सिर्फ ट्रेंड का हिस्सा है। कई लोग इसे बिना किसी धार्मिक या आध्यात्मिक विश्वास के भी फैशन की तरह अपनाते हैं।
इस प्रकार शराब पीने से पहले बूंदें छिड़कने की प्रथा मुख्य रूप से सम्मान, स्मरण और शुभता के प्रतीक के रूप में रही है। चाहे इसे कोई धार्मिक अर्थ दे या बस फैशन की तरह अपनाए, यह दिखाता है कि हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों के पीछे भी कभी-कभी गहरी परंपराएं और मान्यताएं छिपी होती हैं।