Edited By Radhika,Updated: 24 Jan, 2026 02:58 PM

शराब के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अब शराब पीने से पहले आसानी से जान सकेंगे कि शराब असली है या नकली। आबकारी विभाग ने अवैध शराब की बिक्री और जहरीली शराब के खतरों से आम जनता को बचाने के लिए एक अत्याधुनिक Citizen App लॉन्च किया है। इस...
Liquor QR Code Scanner App: शराब के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अब शराब पीने से पहले आसानी से जान सकेंगे कि शराब असली है या नकली। आबकारी विभाग ने अवैध शराब की बिक्री और जहरीली शराब के खतरों से आम जनता को बचाने के लिए एक अत्याधुनिक Citizen App लॉन्च किया है। इस तकनीक के आने के बाद अब शराब की हर बोतल पर लगे QR कोड को स्कैन करते ही उसकी पूरी सच्चाई आपके मोबाइल स्क्रीन पर होगी।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार अब हर लाइसेंसशुदा शराब की दुकान पर बिकने वाली बोतल पर एक विशेष होलोग्राम स्टीकर लगाया गया है। इस स्टीकर पर मौजूद QR Code को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किए गए 'सिटीजन ऐप' के जरिए स्कैन किया जा सकता है। स्कैन करते ही उपभोक्ता को निम्नलिखित जानकारियां रियल टाइम में मिल जाएंगी:
- ब्रांड का नाम और निर्माता की जानकारी
- MRP
- बैच नंबर और निर्माण की तारीख (Manufacturing Date)
- पैकेजिंग का साइज और डिस्टिलरी का विवरण

ओवररेटिंग और तस्करी पर लगेगा लगाम
अक्सर शिकायतें आती हैं कि पड़ोसी राज्यों (जैसे पंजाब या हरियाणा) से सस्ती शराब लाकर स्थानीय दुकानों पर बेची जाती है या तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूले जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि बोतल पर लगा क्यूआर कोड स्कैन करने पर डेटा मैच नहीं होता या 'In-valid' दिखाता है, तो समझ लीजिए कि वह शराब संदिग्ध या अवैध है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता तुरंत ऐप के जरिए ही जिला आबकारी विभाग को शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सुरक्षा कवच है यह ऐप
आबकारी विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जहरीली शराब से होने वाली जनहानि को रोकना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत स्रोतों से खरीदी गई शराब जानलेवा हो सकती है। यह ऐप न केवल असली-नकली का फर्क बताएगा, बल्कि 'ईज ऑफ लिविंग' के तहत पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा।