Edited By Pardeep,Updated: 21 Mar, 2026 06:55 AM

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हालात बिगड़ने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होगी। सरकार ने हालात को संभालने के लिए Russia से तेल आयात फिर से बढ़ा दिया है।
नेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हालात बिगड़ने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होगी। सरकार ने हालात को संभालने के लिए Russia से तेल आयात फिर से बढ़ा दिया है।
फरवरी में क्यों घटी थी रूस से खरीद?
फरवरी में भारत ने रूस से तेल आयात कम कर दिया था:
इस दौरान Iraq भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया था।
मिडिल ईस्ट से आयात में उछाल
रूस से कमी के बीच भारत ने मिडिल ईस्ट का रुख किया:
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इराक से आयात बढ़कर 11.8 लाख बैरल/दिन
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Saudi Arabia से करीब 10 लाख बैरल/दिन सप्लाई
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कुल आयात में मिडिल ईस्ट की हिस्सेदारी 59% तक पहुंच गई
अब फिर रूस की वापसी
अब हालात तेजी से बदल रहे हैं:
एक्सपर्ट्स के अनुसार, रूस भारत की ऊर्जा रणनीति में अभी भी सबसे अहम भूमिका निभा रहा है।
तनाव का सप्लाई पर असर
इन कारणों से सप्लाई चेन प्रभावित हुई, जिससे भारत को अपने तेल स्रोत बदलने पड़े।
नए सप्लायर भी जुड़े
भारत अब जोखिम कम करने के लिए सप्लायर बढ़ा रहा है: