Edited By Rohini Oberoi,Updated: 24 Feb, 2026 03:26 PM

भारत को दुनिया की डायबिटीज राजधानी कहा जाता है। यहां करोड़ों लोग इस बीमारी के साथ जी रहे हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है रोज़ाना दवाइयों और अनुशासन का पालन करना। अक्सर मरीज अपनी रिपोर्ट नॉर्मल आते ही या दवाइयों से थककर उन्हें...
Diabetes Medication Risks : भारत को दुनिया की डायबिटीज राजधानी कहा जाता है। यहां करोड़ों लोग इस बीमारी के साथ जी रहे हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है रोज़ाना दवाइयों और अनुशासन का पालन करना। अक्सर मरीज अपनी रिपोर्ट नॉर्मल आते ही या दवाइयों से थककर उन्हें अचानक बंद कर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह फैसला आपको कोमा या मौत के करीब ले जा सकता है? आइए समझते हैं डायबिटीज दवाओं के पीछे का पूरा विज्ञान।
दवा बंद करना क्यों है खतरनाक?
रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज की दवा अचानक बंद करना एक सुरक्षित कदम नहीं है। अधिकांश लोग यह गलती तब करते हैं जब उनका ब्लड शुगर लेवल सही दिखने लगता है। सच तो यह है कि शुगर लेवल इसलिए नॉर्मल है क्योंकि दवा अपना काम कर रही है इसका मतलब यह नहीं कि बीमारी जड़ से खत्म हो गई है।

अचानक दवा छोड़ने के गंभीर परिणाम
जैसे ही आप दवा बंद करते हैं शरीर में ब्लड शुगर का स्तर कुछ ही घंटों या दिनों में तेजी से बढ़ सकता है। इसे हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycemia) कहा जाता है।
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शुरुआती लक्षण: अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, धुंधला दिखना और शरीर में झनझनाहट।
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अंगों पर असर: लंबे समय तक अनियंत्रित शुगर किडनी फेल्योर, आंखों की रोशनी जाना (रेटिनोपैथी), नसों को नुकसान और हार्ट अटैक का कारण बनती है।

टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम
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टाइप-1 डायबिटीज: इसमें अचानक इंसुलिन बंद करना सबसे खतरनाक है। इससे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA) हो सकता है। इसमें शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज की जगह फैट जलाने लगता है जिससे खून में जहरीले कीटोन एसिड जमा हो जाते हैं। यह स्थिति मरीज को कोमा में भेज सकती है।
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टाइप-2 डायबिटीज: यहां दवा छोड़ने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है जिससे भविष्य में आपको और भी ज्यादा पावर वाली दवाओं (Heavy Dosage) की जरूरत पड़ सकती है।

क्या दवा कभी बंद हो सकती है? (डायबिटीज रिवर्सल)
हां यह मुमकिन है लेकिन इसके कुछ कड़े नियम हैं:
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लाइफस्टाइल में बदलाव: अगर आप टाइप-2 के शुरुआती चरण में हैं तो वजन घटाकर, संतुलित आहार और रोज़ाना 45 मिनट के व्यायाम से दवा की जरूरत कम की जा सकती है।
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डॉक्टर की सलाह: दवा तभी कम या बंद की जा सकती है जब आपका HbA1c लेवल लंबे समय तक बिना दवा के कंट्रोल में रहे और आपका डॉक्टर इसकी पुष्टि करे।
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हर्बल के नाम पर धोखा: किसी के कहने पर दवाओं की जगह केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें।