क्या आपका ब्लड ग्रुप बढ़ा रहा है Heart Attack का खतरा? जानें किस ग्रुप को है सबसे ज्यादा जोखिम

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 05:44 PM

kis blood group ko heart attack ka sabse jyada khatra hai

वैज्ञानिकों के अनुसार, 'नॉन-ओ' ग्रुप्स में रक्त के थक्के जमने और सूजन (Inflammation) पैदा करने वाले प्रोटीन्स अधिक होते हैं, जो हृदय रोगों का मुख्य कारण बनते हैं।

Heart Attack Risk: दिल की बीमारियां अब केवल खराब जीवनशैली या खान-पान तक सीमित नहीं रह गई हैं। हालिया शोधों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है- आपका ब्लड ग्रुप भी आपके दिल की सेहत तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है। साल 2012 में 'आर्टेरियोस्क्लेरोसिस' (Arteriosclerosis) में प्रकाशित एक विस्तृत अध्ययन के अनुसार, कुछ खास ब्लड ग्रुप वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा अन्य की तुलना में काफी अधिक होता है। 

'O' ब्लड ग्रुप: दिल के मामले में सबसे सुरक्षित 

अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप 'O' है, वे हृदय रोगों (Cardiovascular diseases) के मामले में सबसे सुरक्षित स्थिति में हैं। 'नॉन-ओ' ग्रुप्स की तुलना में इस ग्रुप के लोगों में कोरोनरी बीमारियों का जोखिम सबसे कम पाया गया है। यदि आपका ब्लड ग्रुप 'O' है, तो आनुवंशिक रूप से आपका दिल अधिक सुरक्षित माना जा सकता है। 

खतरे की जद में 'A', 'B' और 'AB' ग्रुप 

वैज्ञानिकों का दावा है कि 'A', 'B' और 'AB' ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों में कोरोनरी हार्ट डिजीज और हार्ट फेलियर की संभावना काफी ज्यादा होती है। 

जोखिम का अंतर: 'O' ग्रुप की तुलना में 'नॉन-ओ' ग्रुप में हृदय रोगों का खतरा 6% से 23% तक अधिक होता है। 

स्ट्रोक का खतरा: 'A' ब्लड ग्रुप वालों में 60 साल की उम्र से पहले स्ट्रोक की संभावना अधिक देखी गई है। 

सबसे अधिक जोखिम: 'AB' ब्लड ग्रुप में स्ट्रोक का खतरा 'O' के मुकाबले 1.6 से 7 गुना तक अधिक हो सकता है। 

क्यों बढ़ जाता है इन ब्लड ग्रुप्स में जोखिम? 

विशेषज्ञों ने इसके पीछे दो मुख्य वैज्ञानिक कारण बताए हैं: 

ब्लड क्लॉटिंग (थक्के जमना): 'A', 'B' और 'AB' ब्लड ग्रुप में 'फैक्टर VIII' और 'वॉन विलेब्रैंड फैक्टर' जैसे प्रोटीन्स अधिक मात्रा में होते हैं। ये प्रोटीन रक्त को गाढ़ा करते हैं, जिससे नसों में हानिकारक थक्के जमने का डर रहता है। 

क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (सूजन): इन ब्लड ग्रुप्स में इन्फ्लेमेटरी मार्कर्स का स्तर ऊंचा होता है। लंबे समय तक रहने वाली यह सूजन धमनियों (Arteries) को सख्त कर देती है, जिससे हार्ट अटैक का रास्ता साफ होता है। 

विशेषज्ञों की सलाह: केवल ब्लड ग्रुप ही सब कुछ नहीं 

हालांकि डेटा 'O' ग्रुप के पक्ष में है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि 'O' ब्लड ग्रुप वाले लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ब्लड ग्रुप सिर्फ एक 'जेनेटिक फैक्टर' है। चाहे आपका ब्लड ग्रुप कोई भी हो, धूम्रपान, तनाव, मोटापा और सुस्त जीवनशैली किसी को भी दिल का मरीज बना सकती है। समय-समय पर मेडिकल चेकअप और संतुलित आहार हर किसी के लिए अनिवार्य है।

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