Edited By Murari Sharan,Updated: 19 May, 2020 09:28 PM

लाॅकडाउन 4‐0 में भारत सरकार द्वारा राज्यों की सलाह पर कुछ नियमों और शर्तों के अंतर्गत मार्केट को खोलने की मंजूरी तो दी गई राजधानी के मार्केट में दुकानें तो खुलेंगी लेकिन...
नई दिल्ली/ डेस्क। लाॅकडाउन 4‐0 में भारत सरकार द्वारा राज्यों की सलाह पर कुछ नियमों और शर्तों के अंतर्गत मार्केट को खोलने की मंजूरी तो दी गई राजधानी के मार्केट में दुकानें तो खुलेंगी लेकिन ऑड-इवन फार्मुला पर।
मंगलवार को दिल्ली के दिल कनाॅट प्लेस में भी दुकानें खोली गईं लेकिन पहले दिन ही कनाॅट प्लेस मार्केट के व्यापारियों में असंतोष देखने को मिला। हाल यह रहा कि शाम होने से पहले ही अधिकतर दुकानों के शटर दुकानदारों ने गिराना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब फायदा ही नहीं है तो बेकार में दुकान खोलकर क्यों बैठा जाए।
कनाॅट प्लेस मार्केट
कनाॅट प्लेस मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सभी उपायों का प्रयोग करते हुए मंगलवार को नियमानुसार दुकानें खोली गई थीं लेकिन दोपहर तक एक-दो ग्राहक ही दुकानों पर पहुंचे। जब राजधानी में यातायात के साधनों की सुविधा दी ही नहीं गई है तो खरीदार बाजारों तक आते भी कैसे जिसके चलते अधिकतर व्यापारियों व दुकानदारों ने अपनी दुकानें 3-4 बजे तक बंद कर दी थीं। सही मायने में बिना तैयारियों के मार्केट खोलना सही नहीं है सरकार को इस पर पुर्नविचार करना चाहिए और 1 जून से दुकानों को खुलवाना चाहिए।
जनपथ मार्केट
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के स्वास्थ्य विभाग द्वारा सेनेटाइज करवाकर जनपथ मार्केट में मिनी मार्केट की दुकानों को खोल दिया गया। मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने बताया कि हमने दुकानदारों को लगातार दुकानों को खोले जाने पर क्या-क्या नियम और सावधानियां बरतनी है इसके लिए पहले से ही जागरूक कर दिया था। बकायदा स्वास्थ्य निरीक्षक सीमा द्वारा निरीक्षण भी किया गया। मार्केट में ग्राहक व दुकानदारों ने सोशल डिस्टेंस, सेनेटाइजर से लेकर मास्क तक का प्रयोग किया। मानसिक रूप से मार्केट खुलने से दुकानदारों को थोडी राहत जरूर मिली लेकिन बिजनेस ने तेजी नहीं पकडी है।
बंगाली मार्केट
बंगाली मार्केट एसोसिएशन के प्रधान प्रमोद गुप्ता ने कहा कि बंगाली मार्केट में जरूरी वस्तुओं जैसे राशन, दवाईयां और डेरी खुल रही थी। सोमवार से मिठाईयों की दुकानें, स्टेशनरी शाॅप, ड्राईक्लीनर्स सहित अन्य दुकानें खुली तो थीं लेकिन कोई भी ग्राहक नहीं आया। ऐसा लग रहा है कि दोबारा बिजनेस खडा करने में अभी समय लगने वाला है। हालांकि जहां दो-चार ग्राहक आए भी तो उन्होंने सोशल डिस्टेंस का पूरा पालन किया।
पालिका बाजार
पालिका बाजार मार्केट एसोसिएशन के महासचिव विनय कुमार ठाकुर ने कहा कि हमें अभी तक मार्केट खोले जाने का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वैसे भी बिना तैयारी हम बाजार नहीं खोलना चाहते लेकिन सभी दुकानदारों ने एनडीएमसी अध्यक्ष से लिखित मांग की है कि उन्हें दो दिनों के लिए अपनी दुकानें खोलने दी जाएं ताकि वो अपनी दुकानों में रखे सामान को व्यवस्थित कर सकें। अंडरग्राउंड मार्केट होने व अचानक लाॅकडाउन से हमें अब नुकसान अधिक होने की परेशानी झेलनी पड सकती है।