Edited By Pardeep,Updated: 23 Mar, 2026 10:12 PM

अमरीका में बैठा खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसने एक बार फिर भारत को गीदड़ भभकी दी है और भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं।
नई दिल्ली: अमरीका में बैठा खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसने एक बार फिर भारत को गीदड़ भभकी दी है और भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं। ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एस.एफ.जे.) से जुड़े पन्नू ने एक वीडियो जारी कर देश को तोड़ने की बात दोहराई है। हालांकि एहतियात के तौर पर उसके इस बयान को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। इसके अलावा पन्नू ने नॉर्थ ईस्ट के लोगों को उकसाने की कोशिश भी की है और “क्रिश्चियन होमलैंड” बनाने की बात भी कही है।
विदेशों में ‘रेफरेंडम’ का दावा
वीडियो में पन्नू ने दावा किया कि सिख फॉर जस्टिस विभिन्न देशों में खालिस्तान के समर्थन में तथाकथित रेफरेंडम आयोजित कर रहा है। उसने दावा करते हुए कहा कि अमरीका के कई शहरों में यह प्रक्रिया चल रही है और सिएटल में भी वोटिंग करवाई गई है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे भारत विरोधी गतिविधियों को हवा देने की कोशिश माना जा रहा है।
पंजाब पुलिस को खुली धमकी
पन्नू ने अपने बयान में पंजाब पुलिस को भी निशाने पर लिया। उसने आरोप लगाया कि राज्य में युवाओं को फर्जी मुठभेड़ों में मारा जा रहा है और इसका जवाब ए.के. -47 से देने की धमकी दी। इस तरह की भाषा और बयानबाजी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
नॉर्थ-ईस्ट को लेकर विवादित बयान
इससे पहले एक अन्य वीडियो में पन्नू ने भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (सेवन सिस्टर्स) को अलग कर “क्रिश्चियन होमलैंड” बनाने की बात भी कही है। उसने दावा किया कि वहां के लोग भी भारत से अलग होना चाहते हैं। यह बयान देश की अखंडता के खिलाफ माना जा रहा है।
गिरफ्तार विदेशी नागरिकों का समर्थन
पन्नू ने नॉर्थ-ईस्ट में अशांति फैलाने के आरोप में पकड़े गए विदेशी नागरिकों का बचाव करते हुए उन्हें “आजादी की मुहिम” का समर्थक बताया है। उसने उन्हें आतंकी मानने से इनकार करते हुए “ट्रंपनिस्ट” करार दिया और कहा कि वे भारत के खिलाफ नहीं बल्कि अलगाववादी विचारधारा का समर्थन कर रहे हैं। वीडियो में पन्नू ने सिलिगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) का जिक्र करते हुए कहा कि इसे काटकर नॉर्थ-ईस्ट को भारत से अलग किया जाएगा। इस तरह के बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माने जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
पन्नू के ताजा बयान को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। एजेंसियां पहले से ही ऐसे संगठनों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। बार-बार भड़काऊ बयान देकर पन्नू भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी और सख्ती के बीच ऐसे प्रयासों को गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।