Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Mar, 2026 04:52 PM

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude का भाव 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचते ही Pakistan सरकार को पेट्रोल-डीजल के दाम में भारी बढ़ोतरी करनी पड़ी है। इस फैसले के...
बिजनेस डेस्कः मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude का भाव 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचते ही Pakistan सरकार को पेट्रोल-डीजल के दाम में भारी बढ़ोतरी करनी पड़ी है। इस फैसले के बाद वहां पेट्रोल की कीमत एक झटके में 55 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर बढ़ गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नई दरों के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल करीब 321.17 रुपए प्रति लीटर और डीजल 335.86 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है।
सरकार ने बताई मजबूरी
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar ने कहा कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी से देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में सरकार के पास सीमित विकल्प बचे थे, इसलिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ानी पड़ीं।
IMF का भी दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे International Monetary Fund (IMF) का दबाव भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। पाकिस्तान को मिले कर्ज और उस पर बढ़ते वित्तीय बोझ के कारण सरकार को सब्सिडी कम कर ईंधन की कीमतें बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा।
पेट्रोल पंपों पर लगी भीड़
कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा से पहले ही लोगों को अंदेशा हो गया था कि ईंधन महंगा होने वाला है। इसी वजह से कई शहरों में देर रात तक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में पाकिस्तान में ईंधन और महंगा हो सकता है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।