Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Mar, 2026 11:31 AM

अमेरिका-ईरान टकराव के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखा। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और दाम करीब 7% चढ़कर 15 महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गए। ईरान और इजराइल के बीच हमलों के तेज होने से टैंकरों को...
बिजनेस डेस्कः अमेरिका-ईरान टकराव के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखा। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और दाम करीब 7% चढ़कर 15 महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गए। ईरान और इजराइल के बीच हमलों के तेज होने से टैंकरों को नुकसान और शिपमेंट में बाधा की खबरों ने सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इन शहरों में बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम
क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सरकारी तेल कंपनियों की ओर से जारी पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर भी दिखा। आज कई शहरों में तेल के दाम बढ़े हैं। सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा में पेट्रोल 22 पैसे गिरावट के साथ 94.90 रुपए प्रति लीटर और डीजल 28 पैसे टूटकर 88.01 रुपए लीटर बिक रहा है। गाजियाबाद में पेट्रोल 14 पैसे महंगा होकर 94.89 रुपए लीटर हो गया है तो डीजल 17 पैसे महंगा होकर 88.03 रुपए लीटर पहुंच गया है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 36 पैसे सस्ता होकर 105.23 रुपए लीटर हो गया तो डीजल 33 पैसे गिरावट के साथ 91.49 रुपए लीटर बिक रहा है।
15 महीने के उच्च स्तर पर तेल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude फ्यूचर्स 82.37 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो जनवरी 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे ब्रेंट करीब 6.22% की तेजी के साथ 77.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
वहीं अमेरिकी WTI Crude 6.95% उछलकर 71.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया और सत्र के दौरान 75.33 डॉलर तक गया, जो जून 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है।
शिपिंग रूट पर खतरा
रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी तट के पास कम से कम तीन टैंकरों को निशाना बनाया गया। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन रोकने की चेतावनी दी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है और दुनिया के लगभग 20% तेल की आवाजाही यहीं से होती है। ऐसे में सप्लाई बाधित होने की आशंका से बाजार में घबराहट बढ़ी है।
क्या 100 डॉलर पार करेगा तेल?
यूके के बड़े बैंक Barclays ने ब्रेंट क्रूड का अनुमान बढ़ाकर 100 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है और सप्लाई प्रभावित होती है, तो कीमतें 90–100 डॉलर के दायरे में पहुंच सकती हैं।
इस बीच OPEC+ ने अप्रैल से प्रतिदिन 2.06 लाख बैरल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट बाधित होता है तो अतिरिक्त उत्पादन भी पर्याप्त नहीं होगा।
वैश्विक भंडार की स्थिति
International Energy Agency (IEA) ने कहा है कि वह हालात पर नजर रखे हुए है। एजेंसी के अनुसार वैश्विक तेल भंडार फिलहाल 74 दिनों की मांग को कवर करने लायक है, जो ऐतिहासिक औसत के करीब है। जरूरत पड़ने पर रणनीतिक भंडार (SPR) जारी किए जा सकते हैं।