Edited By Subhash Kapoor,Updated: 26 Feb, 2026 08:27 PM

पंजाब के वरिष्ठ अकाली बिक्रम मजीठिया आज गाँव आदियाँ पहुंचे और पुलिस द्वारा एनकाऊंटर किए गए युवक रणजीत सिंह के परिवार के साथ दुःख सांझा किया। इस दौरान मजीठिया ने पंजाब सरकार पर भी कई निशाने साधे।
गुरदासपुर (हरजिंद्र गोराया) : पंजाब के वरिष्ठ अकाली बिक्रम मजीठिया आज गाँव आदियाँ पहुंचे और पुलिस द्वारा एनकाऊंटर किए गए युवक रणजीत सिंह के परिवार के साथ दुःख सांझा किया। इस दौरान मजीठिया ने पंजाब सरकार पर भी कई निशाने साधे।
मजीठिया ने कहा कि यह दुखद घटना अब नए रूप में सामने आई है। उन्होंने बताया कि पहले पंजाब सरकार ने दावा किया था कि दोनों पुलिसकर्मियों ने आपस में गोलियां चलाईं हैं और बिना किसी जांच के यह फैसला सुना दिया गया। लेकिन मामले के बढ़ने पर सरकार ने इस कहानी को नया मोड़ दे दिया और कहा कि यह आई.एस.आई. का काम है और घटना के 72 घंटे बाद रणजीत सिंह का फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया।
मजीठिया ने कहा, “यह साफ दिख रहा है कि यह फर्जी एनकाउंटर है। रंजीत सिंह का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था। अगर उसने अपराध किया होता, तो वह घर पर न बैठा होता। पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी बनाकर उसका एनकाउंटर दिखाया।”
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस हमेशा एनकाउंटर ऐसी जगह करती है, जहां कोई कैमरा नहीं होता। रंजीत सिंह परिवार का अकेला बेटा था, इसलिए परिवार को इंसाफ जरूर मिलना चाहिए। मजीठिया ने इस मामले की सी.बी.आई. जांच की मांग की और कहा कि पंजाब डी.जी.पी. के लिए यह सब एक फिल्म का हिस्सा बन गया है।