Edited By Urmila,Updated: 14 Jan, 2026 10:52 AM

शहर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें शहर के प्रसिद्ध रबड़ कारोबारी का मोबाइल फोन हैक कर उनके करीबियों से पैसों की मांग की गई।
जालंधर (खुराना): शहर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें शहर के प्रसिद्ध रबड़ कारोबारी का मोबाइल फोन हैक कर उनके करीबियों से पैसों की मांग की गई। इस साइबर अपराध में हैंकर्स ने विश्वास का दुरुपयोग करते हुए यू.पी.आई. के माध्यम से 1 लाख 15 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार सिक्सर बॉल्स के नाम से देश-विदेश में पहचान बना चुकी रबड़ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री ग्रेटवे इंडिया कार्पोरेशन के पार्टनर राजेश मेहंदीरत्ता उर्फ कुकू का मोबाइल फोन हैकर्स ने हैक कर लिया। फोन हैक होने के बाद ठगों ने उनके व्हाट्सएप अकाऊंट से सभी रिश्तेदारों, मित्रों और व्यापारिक संपर्कों को संदेश भेजना शुरू कर दिया।
हैकर्स द्वारा भेजे गए संदेशों में अधिकतर लोगों से यू.पी.आई. के जरिए 65,000 रुपए तुरंत भेजने की मांग की गई और यह भरोसा भी दिलाया गया कि रात तक पूरी रकम वापस लौटा दी जाएगी। संदेश राजेश मेहंदीरत्ता के व्हाट्सएप नंबर से आने के कारण कई लोगों को शुरुआत में किसी धोखाधड़ी का शक नहीं हुआ। हालांकि अधिकांश करीबियों ने स्थिति को भांपते हुए सतर्कता बरती और पैसे नहीं भेजे, लेकिन 2 करीबी दोस्त ठगों के जाल में फंस गए। इनमें से एक रबड कारोबारी ने दो किस्तों में कुल 65,000 रुपए, जबकि दूसरे लोहा कारोबारी ने 50,000 रुपए यू.पी.आई. के माध्यम से उन खातों में ट्रांसफर कर दिए, जो साइबर ठगों द्वारा बताए गए थे।
कुछ समय बाद जब फोन रिकवर किया गया तो मेहंदीरत्ता ब्रदर्स ने तुरंत सभी परिचितों को अपनी ओर से स्पष्ट संदेश भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद ठगी का यह सिलसिला रुक पाया और अन्य लोग संभावित नुकसान से बच गए। इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के नाम से पैसों की मांग आने पर तुरंत फोन कॉल या किसी अन्य माध्यम से पुष्टि जरूर करनी चाहिए। वहीं पीड़ित पक्ष द्वारा इस मामले की सूचना साइबर क्राइम सेल को देने की तैयारी भी की जा रही है।
साइबर ठगी पर समाज के प्रबुद्ध लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
शहर के प्रतिष्ठित रबड़ कारोबारी का फोन हैक कर की गई साइबर ठगी की घटना को लेकर समाज के जिम्मेदार नागरिकों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में अमरजीत आहूजा, जसबीर सिंह बिट्टू, नितिन बहल और अतुल चावला ने एक स्वर में सरकार और प्रशासन से ऐसे साइबर अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेने की अपील की है। अमरजीत आहूजा ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और आम नागरिक इनके शिकार बन रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिन बैंक खातों में हजारों और लाखों रुपये की ठगी से जुड़ी ट्रांजेक्शन हुई है, उनकी तुरंत गहन जांच की जाए ताकि ठगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
जसबीर सिंह बिट्टू ने कहा कि आज के समय में हर बैंक खाता आधार कार्ड से खुलता है, पैन कार्ड से लिंक होता है और उसमें मोबाइल नंबर भी दर्ज होता है। ऐसे में ठगों तक पहुंचना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस जरूरत है प्रशासनिक इच्छाशक्ति और तेज कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते ऐसे खातों की जांच शुरू कर दी जाए तो बड़े साइबर गिरोहों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
जिमखाना क्लब के एग्जीक्यूटिव सदस्य नितिन बहल ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि साइबर ठगी के मामलों में बैंकों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। जिन खातों में संदिग्ध और बार-बार बड़ी राशि की ट्रांजेक्शन होती है, उन्हें तुरंत फ्रीज कर जांच के दायरे में लाया जाए। इससे न केवल ठगी पर अंकुश लगेगा बल्कि आम लोगों का डिजिटल लेन-देन पर भरोसा भी बना रहेगा। वहीं गारमैंट कारोबारी अतुल चावला ने आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के नाम से यदि व्हाट्सएप या किसी अन्य माध्यम से पैसों की मांग की जाए तो बिना पुष्टि किए एक भी रुपया ट्रांसफर न करें। पहले फोन पर बात करें, पूरी तहकीकात करें और उसके बाद ही कोई आर्थिक लेन-देन करें।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here