Edited By Urmila,Updated: 28 Jan, 2026 12:27 PM

गणतंत्र दिवस पर पंजाब की राजनीति में तब हलचल मच गई, जब ‘आप’ विधायक सुखवीर सिंह माईसरखाना पर 30 लाख रुपए की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप सामने आए।
मानसा/चंडीगढ़ (संदीप मित्तल): गणतंत्र दिवस पर पंजाब की राजनीति में तब हलचल मच गई, जब ‘आप’ विधायक सुखवीर सिंह माईसरखाना पर 30 लाख रुपए की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप सामने आए। इस पर भुलत्थ से विधायक व कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि रिश्वत के आरोपों से ‘आप’ सरकार की ‘जीरो टॉलरैंस’ नीति बेनकाब हुई है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो का हवाला देते हुए ‘आप’ के मौड़ से विधायक सुखवीर सिंह माईसरखाना पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि नगर कौंसिल मौड़ के प्रधान करनैल सिंह ने कैमरे के सामने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अपनी प्रधानगी की कुर्सी बचाने के लिए मौड़ के ‘आप’ विधायक को 30 लाख रुपए की रिश्वत दी थी। यदि ये आरोप सही हैं तो यह मामला पूरी प्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
खैहरा ने ट्वीट करते हुए सीधे तौर पर ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल व मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरा। उन्होंने लिखा कि इस घटना ने केजरीवाल और मान के भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरैंस’ के नारे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब सरकार अपने ही विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाएगी या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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