जो गोलियों से नहीं डरे, वे आम आदमी पार्टी से क्या डरेंगे: रवनीत बिट्टू

Edited By Updated: 16 Jan, 2026 02:30 PM

ravneet bittu

पंजाब की राजनीति इस समय गरमाई हुई है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पंजाब केसरी ग्रुप के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के खिलाफ प्रेस को संबोधित किया।

लुधियाना: पंजाब की राजनीति इस समय गरमाई हुई है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पंजाब केसरी ग्रुप के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के खिलाफ प्रेस को संबोधित किया। इस दौरान रवनीत बिट्टू ने कहा कि पंजाब केसरी ग्रुप आतंकवाद के भयानक दौर में भी AK 47 राइफल और बम से नहीं डरा, तो वह इस आम आदमी पार्टी सरकार से कैसे डर सकता है। गोली भी उनकी कलम को रोक नहीं सकी। ये लोग क्या रोकेगे। 

पंजाब केसरी अकेला ही काफी है लड़ाई लड़ने के लिए। यही नहीं पंजाब केसरी ग्रुप कोई मोम नहीं है जो पिगल जाएगा, सरकार की धमकियों से डर जाएगा। फिर जाकर ये लोग चाय पिएंगे और घुटने पकड़ेंगे। अगर पंजाब केसरी के ग्रुप के बाबू जी (विजय कुमार चोपड़ा) और अविनाश चोपड़ा की बात करें तो ये वो परिवार है, जो AK 47 की गोली से नहीं डरा। आम आदमी पार्टी उनकी कलम कैसे रोक सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब केसरी अखबार ने हमेशा लोगों तक सच्चाई पहुंचाई है। बिट्टू ने आरोप लगाया कि आज पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार मीडिया को दबाने की कोशिश कर रही है। रवनीत बिट्टू ने साफ किया कि पंजाब केसरी अखबार कभी नहीं डरा है और न ही कभी पीछे हटेगा।

 

BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने गत दिन भी ट्वीट कर अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जगबाणी और पंजाब केसरी मीडिया ग्रुप पर किए जा रहे सीधे हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि मीडिया को डराने की यह खुली कोशिश पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लगाई गई अघोषित इमरजेंसी के बराबर है। उन्होंने कहा कि प्रेस की आज़ादी पर ऐसे हमले किसी भी डेमोक्रेसी में कभी मंज़ूर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक आज़ाद और निडर मीडिया डेमोक्रेसी की मज़बूत नींव है, लेकिन मौजूदा सरकार सत्ता के बल पर मीडिया की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, जो बहुत निंदनीय है। बिट्टू ने चेतावनी दी कि ऐसी तानाशाही नीतियों का हर लेवल पर कड़ा विरोध किया जाएगा। 

आपको बता दें कि, पंजाब की भगवंत मान सरकार पिछले कई दिनों से पंजाब केसरी समूह की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पंजाब केसरी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान के खिलाफ सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, अकाली दल, भाजपा व अन्य सभी विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को पंजाब में अघोषित आपातकाल करार दिया है।

वहीं आपको ये भी बता दें कि, इस क्रम में आज समूह की बठिंडा प्रिंटिंग प्रैस में रेड मार कर कुछ कर्मचारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया और कुछ कर्मचारियों से मारपीट करके उन्हें घायल कर दिया गया जो सिविल अस्पताल बठिंडा में दाखिल हैं। जालंधर स्थित सूरानुस्सी प्रिंटिंग प्रैस में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उच्च अधिकारी व कर्मचारी पुलिस फोर्स के साथ जबरदस्ती दीवार फांद कर घुसे और अखबार के कर्मचारियों से मारपीट की। उच्च अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर अंदर से गेट का ताला तोड़ा और जबरदस्ती सैंपल भरे व एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर चले गए। ये सभी अधिकारी बिना नोटिस और बिना किसी सूचना के पहुंचे थे और बोल रहे थे कि ऊपर से आदेश हैं। इस संबंध में पंजाब केसरी प्रबंधकों ने हालात की जानकारी लिखित रूप में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेज दी है जिसमें सरकार की प्रैस पर हमलों की जानकारी निम्न प्रकार से दी गई है। अखबार प्रबंधकों के अनुसार, "हम हाल के कुछ घटनाक्रमों को लेकर अपनी गहरी चिंता और पीड़ा व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिख रहे हैं।

इन घटनाओं से यह गंभीर आशंका उत्पन्न होती है कि पंजाब सरकार एक सुनियोजित उद्देश्य के तहत पंजाब केसरी समूह एवं उससे जुड़े संस्थानों को विशेष रूप से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य प्रैस को डराना और दबाव में लेना प्रतीत होता है।" पत्र में लिखा गया है कि यह घटनाक्रम 31 अक्तूबर, 2025 को प्रकाशित एक समाचार से शुरू हुआ, जो पंजाब में सत्तारूढ़ दल के राष्ट्रीय संयोजक से जुड़े विपक्ष के आरोपों पर एक संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्ट थी।

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