Edited By VANSH Sharma,Updated: 17 Jan, 2026 11:54 PM

पंजाब सरकार द्वारा मीडिया संस्थानों पर की जा रही कार्रवाइयों के विरोध में जालंधर की विभिन्न व्यापारिक और सामाजिक संस्थाएं एकजुट होकर सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आ गई हैं।
जालंधर (सोनू महाजन): पंजाब सरकार द्वारा मीडिया संस्थानों पर की जा रही कार्रवाइयों के विरोध में जालंधर की विभिन्न व्यापारिक और सामाजिक संस्थाएं एकजुट होकर सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आ गई हैं। एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठनों के पदाधिकारियों ने पंजाब केसरी ग्रुप समेत अन्य मीडिया संस्थानों पर हो रहे कथित “हमलों” और दर्ज किए गए “झूठे मामलों” की कड़ी निंदा की।
सोमवार को भगवान वाल्मीकि चौक पर होगा बड़ा जमावड़ा
विभिन्न संगठनों ने ऐलान किया है कि इस कथित दमन के विरोध में सोमवार सुबह 9:30 बजे भगवान श्री वाल्मीकि चौक पर दुकानदार, व्यापारी और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एकत्र होंगे। वहां से सामूहिक रूप से जिला उपायुक्त (डीसी) और पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने यह “दमनकारी रवैया” बंद नहीं किया, तो आने वाले समय में शहर बंद और राज्य बंद का आह्वान भी किया जा सकता है।
पंजाब केसरी पंजाब की ‘बैकबोन’, धक्केशाही बर्दाश्त नहीं
बाजार शेखां के प्रधान जसप्रीत सिंह सहित अन्य नेताओं ने कहा कि पंजाब केसरी एक पुराना और प्रतिष्ठित नाम है तथा यह पंजाब की “रीढ़” के समान है। उन्होंने कहा कि लाला जगत नारायण जी के समय से यह संस्थान सत्य की आवाज़ बना हुआ है और हर धर्म व वर्ग के लोगों की सेवा करता आया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाना लोकतंत्र की हत्या है।
इस आंदोलन को बाजार शेखां, दिलकुशा मार्केट (मेडिकल स्टोर), सुनियारा बाजार, नकोदर चौक बिल्डिंग मटीरियल एसोसिएशन, ट्रक यूनियन, कपड़ा व्यापारी और रेत-बजरी यूनियन सहित कई अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
राजनीतिक दलों ने भी की निंदा
शिरोमणि अकाली दल सहित अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस मामले में सरकार की कड़ी आलोचना की है। नेताओं ने कहा कि पहले ‘अजीत’ अख़बार और अब ‘पंजाब केसरी’ के खिलाफ की जा रही कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन प्रेस और सत्य की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
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