सरकार ने लौह, इस्पात उत्पादों के आयात को सिम्स के तहत पंजीकरण अनिवार्य किया

Edited By Updated: 28 Sep, 2020 11:26 PM

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नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) सरकार ने सभी लौह और इस्पात उत्पादों के साथ ही रेलवे से संबंधित कुछ सामानों का आयात करने वाले व्यापारियों के लिए इस्पात आयात निगरानी प्रणाली (सिम्स) के तहत पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। इस बारे में सोमवार को...

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) सरकार ने सभी लौह और इस्पात उत्पादों के साथ ही रेलवे से संबंधित कुछ सामानों का आयात करने वाले व्यापारियों के लिए इस्पात आयात निगरानी प्रणाली (सिम्स) के तहत पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। इस बारे में सोमवार को सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया। इस कदम का मकसद इन उत्पादों के आयात को हतोत्साहित करना और स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन देना है।
पहले अनिवार्य पंजीकरण 300 उत्पादों के लिए लागू किया गया था। अब इसमें 530 और उत्पाद जोड़े गए हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कहा कि अब इन उत्पादों के आयात के लिए सिम्स के तहत पंजीकरण अनिवार्य होगा।
इन उत्पादों में कुछ फ्लैट-रोल्ड उत्पाद, कुछ तारें, रोप, केबल, स्टील ट्यूब, पाइप, डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स तथा रेलवे के कुछ कलपुर्जे शामिल हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के तहत सिम्स स्टील मिल उत्पादों के आयात के आंकड़े जुटाता और उन्हें प्रकाशित करता है। सार्वजनिक नोटिस में डीजीएफटी ने कहा है कि इस अधिसूचना की क्रियान्वयन की तिथि 16 अक्टूबर है।

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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