जोशी ने सीआईएल की खानों का निरीक्षण किया, अधिकारियों से बिजली संयंत्रों को आपूर्ति बढ़ाने को कहा

Edited By Updated: 13 Oct, 2021 10:51 PM

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नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की कुछ खदानों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ताप विद्युत संयंत्रों को अधिक कोयला भेजने की दिशा में काम करें।

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की कुछ खदानों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ताप विद्युत संयंत्रों को अधिक कोयला भेजने की दिशा में काम करें।
देश के विभिन्न बिजली संयंत्रों में कोयले की आपूर्ति की कमी के बीच कोयला मंत्री का यह दौरा हुआ है।
मंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ के कोरबा में दीपका कोयला खदान में रेलवे साइडिंग का दौरा किया। साइडिंग यार्ड में कोयला स्टॉक का निरीक्षण किया और साइडिंग प्रभारी और अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत की।’’
सीआईएल की कुल आपूर्ति का लगभग 80 प्रतिशत बिजली क्षेत्र को भेजा जाता है।
मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘सीआईएल की दीपका कोयला खदान में साइलो लोडिंग सिस्टम का निरीक्षण किया। अधिकारियों को सभी बाधाओं को दूर करने और तापीय विद्युत संयंत्रों को कोयला आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया।’’ मंत्री ने कहा कि उन्होंने सीआईएल की इकाई एसईसीएल की दीपका कोयला खदान का भी दौरा किया, ब्लॉक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की और उनसे जीवाश्म ईंधन के उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ाने को कहा।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने देश के सबसे बड़े ओपन कास्ट ब्लॉक गेवरा कोयला खदान का भी दौरा किया और ब्लॉक में कोयला उत्पादन में शामिल टीम को उक्त ब्लॉक से कोयला के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

जोशी बुधवार से कोयला समृद्ध राज्यों झारखंड और छत्तीसगढ़ के दो दिन दौरे पर हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि मंत्री बृहस्पतिवार को कोल इंडिया की इकाई सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे और सीसीएल की अशोक खदान का दौरा करेंगे।
जोशी ने मंगलवार को कहा था कि सरकार बिजली उत्पादकों की कोयले की मांग को पूरा करने के लिए पूरे प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा था कि कोयले की आपूर्ति को वर्तमान में प्रति दिन 19.5 लाख टन से बढ़ाकर 20 लाख टन प्रतिदिन करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री ने सभी हितधारकों को बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक कोयले की आपूर्ति का आश्वासन दिया था।
सीआईएल ने पहले कहा था कि वह जहां तक ​​संभव हो मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने के अपने सभी प्रयास कर रही है।
कोल इंडिया का घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान है।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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