Edited By PTI News Agency,Updated: 03 Feb, 2023 04:35 PM

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को अडाणी मुद्दे पर हंगामे के बीच भी सदस्य उस समय अपनी हंसी नहीं रोक पाए जब सभापति जगदीप धनखड़ ने द्रमुक सदस्य तिरुचि शिवा को अपने कक्ष में आमंत्रित करते हुए कहा कि उन्हें उनका पसंदीदा भोजन...
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को अडाणी मुद्दे पर हंगामे के बीच भी सदस्य उस समय अपनी हंसी नहीं रोक पाए जब सभापति जगदीप धनखड़ ने द्रमुक सदस्य तिरुचि शिवा को अपने कक्ष में आमंत्रित करते हुए कहा कि उन्हें उनका पसंदीदा भोजन परोसा जाएगा।
उच्च सदन में यह वाकया सुबह उस समय हुआ जब विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य नियम 267 के तहत अडाणी मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। नियम 267 के तहत, सदन के पूर्व निधारित कामकाज को निलंबित कर किसी अत्यावश्यक मुद्दे पर चर्चा कराने का प्रावधान है।
सभापति ने कहा कि उन्हें विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे सहित विभिन्न सदस्यों की ओर से नियम 267 के तहत 15 नोटिस मिले हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी नोटिस पर गौर किया। उन्होंने पिछले साल आठ दिसबंर को दी गयी अपनी व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि इनमें से कोई भी नोटिस स्वीकार किए जाने की अनिवार्यताओं को पूरा नहीं करता है, लिहाजा उन्होंने इन्हें अस्वीकार कर दिया है।
उनके ऐसा कहते ही विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामे के बीच ही सभापति ने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम सदस्य तिरूचि शिवा ने ध्यान दिलाया है कि नियम 267 के तहत दो फरवरी को दिए गए उनके एक नोटिस को आसन द्वारा अस्वीकार कर दिया गया है।
सभापति ने कहा कि शिवा ने यह बताने को कहा है कि उनके नोटिस में क्या कमी थी ताकि वह आगे से उसमें सुधार ला सकें। सभापति ने शिवा से कहा कि उन्हें नियम 267 और आसन द्वारा आठ दिसंबर को दी गई व्यवस्था पर गौर करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर इसके बाद भी कोई संदेह है तो आप समय निकाल कर भोजनावकाश में मेरे कक्ष में मिल सकते हैं। आपको आपकी पसंद का भोजन परोसा जाएगा।’’
उनके इतना कहते ही विभिन्न दलों के सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक सके।
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