Edited By Pardeep,Updated: 13 Jan, 2026 05:57 AM
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए एक बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। ट्रंप ने एलान किया है कि जो भी देश ईरान के साथ कारोबार करेगा उस देश पर अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार में 25% टैरिफ (अतिरिक्त टैक्स) लगाया जाएगा। यह फैसला...
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए एक बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। ट्रंप ने एलान किया है कि जो भी देश ईरान के साथ कारोबार करेगा उस देश पर अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार में 25% टैरिफ (अतिरिक्त टैक्स) लगाया जाएगा। यह फैसला तुरंत लागू कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर इस टैरिफ की जानकारी दी।

ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ पर लिखा, “जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ होने वाले हर व्यापार पर 25% टैरिफ देना होगा। यह आदेश अंतिम और पूरी तरह लागू है।”ट्रंप ने इसे “final and conclusive” यानी अंतिम और बिना किसी बदलाव वाला आदेश बताया है।
व्हाइट हाउस ने साफ किया – सैन्य हमला भी विकल्पों में
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। उन्होंने कहा, “हवाई हमले (Airstrikes) भी राष्ट्रपति के सामने मौजूद कई विकल्पों में से एक हैं। हालांकि कूटनीति (Diplomacy) राष्ट्रपति की पहली प्राथमिकता रहती है।”
प्रदर्शनकारियों पर हिंसा को लेकर ट्रंप बेहद नाराज़
डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान सरकार को वहां के सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने धमकी दी है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हिंसा नहीं रुकी तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। सोमवार को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका हालात पर करीबी नजर रखे हुए है और सैन्य जवाबी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि अगर ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया तो अमेरिका क्या करेगा, तो ट्रंप ने कहा, “हम उन्हें ऐसे स्तर पर मारेंगे, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा।”
ट्रंप बोले – ईरान मेरी ‘रेड लाइन’ के करीब
एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान उनकी तय की गई “रेड लाइन” के बेहद करीब पहुंच गया है। उन्होंने कहा- ऐसा लग रहा है कि वे उस सीमा को पार करने ही वाले हैं।
ईरान ने अमेरिका और इज़रायल पर लगाया साजिश का आरोप
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने अमेरिका और इज़रायल पर आरोप लगाया कि वे ईरान में अशांति फैलाकर देश को अस्थिर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की शिकायतें सुनेगी, लेकिन हिंसा फैलाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ईरानियों से अपील की कि वे “दंगाइयों और आतंकवादियों” से दूर रहें।
ईरान में हालात बेहद खराब, सैकड़ों की मौत
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार जारी हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार अब तक कम से कम 648 लोग मारे जा चुके हैं और यह संख्या आगे और बढ़ सकती है। पिछले दो हफ्तों में 10,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह आंकड़े अमेरिका स्थित Human Rights Activists News Agency ने जारी किए हैं।
दुनिया पर भी पड़ेगा असर
अब अमेरिका का यह नया टैरिफ फैसला सिर्फ ईरान पर ही नहीं, बल्कि उन सभी देशों पर असर डालेगा जो ईरान से तेल, गैस या अन्य व्यापार करते हैं। इससे वैश्विक व्यापार, तेल कीमतें और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
भारत–ईरान व्यापार का पूरा हाल
भारत और ईरान के बीच व्यापारिक रिश्ते लगातार बदलते रहे हैं। वित्त वर्ष 2022–23 में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) 2.33 अरब डॉलर रहा। यह पिछले साल की तुलना में 21.76% की बढ़ोतरी (YOY) थी, यानी उस साल व्यापार में अच्छी तेजी देखने को मिली।
भारत से ईरान को कितना निर्यात हुआ?
वित्त वर्ष 2022–23 में भारत ने ईरान को 1.66 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया। यह पिछले साल की तुलना में 14.34% ज्यादा था। भारत ईरान को चावल, चाय, दवाइयाँ, केमिकल्स, कृषि उत्पाद और इंजीनियरिंग से जुड़े सामान निर्यात करता है।
ईरान से भारत ने क्या आयात किया?
इसी दौरान भारत ने ईरान से 672.12 मिलियन डॉलर का आयात किया, जो कि 45.05% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है। ईरान से भारत मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, खनिज और अन्य ऊर्जा से जुड़े उत्पाद खरीदता है।
2023–24 में व्यापार में गिरावट
चालू वित्त वर्ष 2023–24 (अप्रैल से जुलाई 2023) के दौरान भारत–ईरान के बीच कुल व्यापार घटकर 660.70 मिलियन डॉलर रह गया।
इस अवधि में —
यह आंकड़े बताते हैं कि दोनों देशों के बीच कुल व्यापार पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23.32% कम हो गया है।