Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 15 May, 2025 02:15 PM

तुर्की के प्राचीन शहर हेरापोलिस में एक मंदिर है, जिसे आज भी दुनिया के सबसे रहस्यमयी और खतरनाक स्थानों में गिना जाता है। इस जगह को 'नरक का द्वार' या Gate to Hell कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी इस मंदिर के भीतर गया, वह कभी जिंदा लौटकर नहीं आया।
नेशनल डेस्क: तुर्की के प्राचीन शहर हेरापोलिस में एक मंदिर है, जिसे आज भी दुनिया के सबसे रहस्यमयी और खतरनाक स्थानों में गिना जाता है। इस जगह को 'नरक का द्वार' या Gate to Hell कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी इस मंदिर के भीतर गया, वह कभी जिंदा लौटकर नहीं आया। यही वजह है कि इसे मौत का मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर की गहराई में मौजूद एक अंधेरी गुफा में अजीब तरह की जानलेवा गैसें भर जाती हैं। कहा जाता है कि यहां तक पहुंचते ही पक्षी और जानवरों की भी मौत हो जाती है। कई बार वैज्ञानिकों और स्थानीय लोगों ने इस दावे को परखने के लिए मंदिर के पास पिंजरे में पक्षी रखे, जो कुछ ही पलों में मर गए।
प्लूटो का मंदिर या अंधविश्वास?
इस मंदिर को प्लूटो का मंदिर भी कहा जाता है। प्राचीन रोमन मिथकों में प्लूटो को मृत्यु और अंधकार का देवता माना जाता था। ऐसे में लोगों का मानना रहा कि इस मंदिर में किसी दैवी शक्ति का वास है। डर और मौत के डर से स्थानीय लोगों ने मंदिर के पास जाना बंद कर दिया। यह जगह सैलानियों के लिए भी निषिद्ध हो गई।
2018 में हुआ रहस्य का खुलासा
वर्ष 2018 में जब वैज्ञानिकों ने इस जगह पर गहराई से अध्ययन किया, तो उन्होंने पाया कि मंदिर के अंदर कार्बन डाईऑक्साइड गैस का स्तर बहुत ज्यादा है। जर्मनी और तुर्की के वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि यहां गैस का स्तर 91% तक पहुंच जाता है, जो किसी भी जीव के लिए मृत्युसम बिंदु है। यही वजह है कि प्राचीन भूगोलवेत्ता स्ट्रैबो ने भी इसे नरक का दरवाजा बताया था।
विज्ञान बनाम मान्यता
एक तरफ वैज्ञानिक इस रहस्य को गैस के रिसाव से जोड़ते हैं तो दूसरी तरफ स्थानीय लोग आज भी इसे नरक का द्वार मानते हैं। खुदाई के दौरान यहां पशु और पक्षियों के कंकाल भी मिले हैं, जिससे लोगों का अंधविश्वास और गहरा हो गया है। यह रहस्यमयी जगह आज भी विज्ञान और मान्यता के बीच बहस का विषय बनी हुई है।