Edited By Mansa Devi,Updated: 01 Apr, 2026 03:41 PM

कार की बैटरी वाहन के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक होती है। अगर बैटरी सही हालत में न हो, तो कार अचानक बंद पड़ सकती है या स्टार्ट ही नहीं होती।
नेशनल डेस्क: कार की बैटरी वाहन के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक होती है। अगर बैटरी सही हालत में न हो, तो कार अचानक बंद पड़ सकती है या स्टार्ट ही नहीं होती। आमतौर पर एक कार बैटरी की उम्र 3 से 5 साल तक होती है, लेकिन मौसम, ड्राइविंग स्टाइल और मेंटेनेंस के आधार पर इसकी लाइफ कम या ज्यादा हो सकती है। कई बार बैटरी खराब होने से पहले ही कुछ संकेत देने लगती है, जिन्हें पहचानकर आप बड़ी परेशानी से बच सकते हैं।
इंजन स्टार्ट होने में देरी
अगर आपकी कार पहले की तुलना में स्टार्ट होने में ज्यादा समय लेने लगी है या चाबी घुमाने या बटन दबाने पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तो यह बैटरी के कमजोर होने का संकेत हो सकता है। बार-बार जंप-स्टार्ट की जरूरत पड़ना भी इसी समस्या की ओर इशारा करता है।
डैशबोर्ड पर बैटरी वॉर्निंग लाइट
ड्राइविंग के दौरान अगर आपकी कार के डैशबोर्ड पर बैटरी का लाल निशान दिखाई देता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह बैटरी या चार्जिंग सिस्टम में गड़बड़ी का संकेत होता है, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकता है।
इलेक्ट्रिकल सिस्टम में दिक्कत
कमजोर बैटरी का असर कार के इलेक्ट्रिकल फीचर्स पर भी पड़ता है। जैसे हेडलाइट्स का कम रोशनी देना, पावर विंडो का धीमा चलना या इंफोटेनमेंट स्क्रीन का बार-बार बंद होना। ये सभी संकेत बताते हैं कि बैटरी ठीक से काम नहीं कर रही है।
बैटरी का फूलना या बदबू आना
अगर बैटरी का आकार सामान्य से बड़ा या फूला हुआ दिखे या उससे अजीब गंध आए, तो यह ओवरहीटिंग या केमिकल लीक होने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत बैटरी बदलवाना जरूरी है, क्योंकि यह खतरनाक भी हो सकता है।
टर्मिनल पर जंग जमना
बैटरी के टर्मिनल पर सफेद या नीले रंग का जमाव दिखना करप्शन का संकेत होता है। इससे बिजली का प्रवाह प्रभावित होता है। अगर यह समस्या बार-बार दिखे, तो समझ लें कि बैटरी अपनी उम्र पूरी कर चुकी है। समय-समय पर बैटरी की जांच करना बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ आपकी कार की परफॉर्मेंस बेहतर रहती है, बल्कि आप रास्ते में अचानक होने वाली परेशानी से भी बच सकते हैं।