मादुरो की गिरफ्तारी से लातिन अमरीका में चीन की महत्वाकांक्षाओं को खतरा

Edited By Updated: 12 Jan, 2026 06:03 AM

maduro s arrest threatens china s ambitions in latin america

पिछले दो दशकों से चीन लातिन अमरीका में घनिष्ठ संबंध बना रहा है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमरीका द्वारा सत्ता से हटाए जाने से पश्चिमी गोलार्ध में चीनी नेता शी जिनपिंग के लिए स्थिति अचानक बदल गई है।

पिछले दो दशकों से चीन लातिन अमरीका में घनिष्ठ संबंध बना रहा है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमरीका द्वारा सत्ता से हटाए जाने से पश्चिमी गोलार्ध में चीनी नेता शी जिनपिंग के लिए स्थिति अचानक बदल गई है। गत शुक्रवार दोपहर को शी जिनपिंग के विशेष दूत वेनेजुएला के राष्ट्रपति भवन में थे और मादुरो के साथ हंसी-मजाक कर रहे थे, जब दक्षिण अमरीकी नेता मंदारिन में कुछ शब्द बोलने की कोशिश कर रहे थे। यह घटना अमरीकी विशेष बलों द्वारा 150 सैन्य विमानों के साथ काराकास में प्रवेश करने और तानाशाह को पकडऩे से कुछ ही घंटे पहले हुई थी। 

‘‘चीन अमरीका द्वारा एक संप्रभु राज्य के खिलाफ बल के खुले प्रयोग और उसके राष्ट्रपति पर हमले से बेहद आहत है और इसकी कड़ी निंदा करता है।’’ बीजिंग के विदेश मंत्रालय ने अमरीकी कार्रवाई पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा। इस भाषा से उस स्थिति पर हैरानी जाहिर होती है जो उसके नियंत्रण से बाहर थी। मादुरो के सत्ता से बेदखल होने से शी जिनपिंग की क्षेत्रीय राजनीतिक रणनीति में उथल-पुथल मच गई है, जिससे तेल आपूर्तिकत्र्ता और वाशिंगटन के लिए एक विश्वसनीय चुनौती बने वेनेजुएला की भविष्य की दिशा पर सवाल उठ रहे हैं। चीन ने मादुरो की रिहाई की मांग की है और सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक का इस्तेमाल अमरीकी कार्रवाई की निंदा करने के लिए किया, इसे वर्चस्ववादी कार्रवाई बताया। संयुक्त राष्ट्र में बीजिंग की उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेल ने रूस के साथ मिलकर अमरीकी कार्रवाई को बहुपक्षवाद की अस्वीकृति और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया। फिर भी, विश्लेषकों का कहना है कि मादुरो के आर्थिक कुप्रबंधन से वर्षों से चली आ रही निराशा के बाद बीजिंग उनके लिए ज्यादा आंसू नहीं बहाएगा और ऊर्जा, खनन आदि क्षेत्रों में अपने हितों की रक्षा के लिए संभवत: देश के अगले राष्ट्रपति को जल्दी ही मान्यता दे देगा।

सप्ताहांत में तनाव कम हुआ और सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि वेनेजुएला के साथ द्विपक्षीय सहयोग जारी रहेगा। ‘‘वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति में बदलाव के बावजूद, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने की चीन की तत्परता अपरिवर्तित रहेगी, और वेनेजुएला में चीन के वैध हितों की रक्षा की जाएगी।’’ राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रशासन द्वारा पिछले महीने जारी की गई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के कुछ दिनों बाद, जिसमें लातिन अमरीका में गैर-गोलार्धीय प्रतिस्पॢधयों को रोकने की प्रतिज्ञा के साथ चीन की ओर इशारा किया गया था, बीजिंग ने अपनी रणनीति जारी कर इसकी पुष्टि की-क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहने की इसकी प्रतिबद्धता। बीजिंग के नए नीति पत्र में कहा गया है कि वह पूरे लातिन अमरीका में राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए खड़ा है और ‘वर्चस्ववाद और सत्ता की राजनीति का विरोध करेगा।’

अगर वाशिंगटन खुद को पुलिस की भूमिका में स्थापित करता है या क्षेत्रीय देशों पर चीन के खिलाफ अपनी पकड़ मजबूत करने का दबाव डालता है, तो अन्य देशों पर भी इसका असर पड़ेगा। बीजिंग की अपनी आॢथक मंदी ने इसकी उदारता को कम कर दिया है, जबकि स्थानीय सरकारें अमरीका के साथ भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में इसका मोहरा बनने को लेकर तेजी से सतर्क हो रही हैं। इस बीच, वेनेजुएला में बीजिंग के लिए दाव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने में जोखिम है। हालांकि चीन अंतत: वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन यह चीन के आयात का 1 प्रतिशत से भी कम है और निवेश के मामले में यह क्षेत्र में चीन का 9वां सबसे बड़ा देश है। वेनेजुएला का महत्व इस तथ्य में निहित है कि बीजिंग को मादुरो से इतनी निराशा क्यों है-वजह है उस पर भारी कर्ज। विलियम एंड मैरी की अनुसंधान प्रयोगशाला एडडाटा के अनुसार, परियोजना प्रतिबद्धताओं में लगभग 106 बिलियन डॉलर शामिल हैं।

लेकिन लातिन अमरीकी मामलों को विशेष प्रतिनिधि क्यू शिआओकी का शहर में होना ही बीजिंग की खुफिया विफलता को दर्शाता है, क्योंकि वह अमरीकी हमले का अनुमान नहीं लगा पाया था। मादुरो और उनकी (तब संभावित) उत्तराधिकारी, उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने क्यू की मेजबानी एक ऐसे कमरे में की, जिसमें लातिन अमरीकी मुक्तिदाता साइमन बोलिवर की एक पेंटिंग लगी हुई थी और चीनी प्रतिनिधिमंडल ने द्विपक्षीय संबंधों के 52 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उपहार के रूप में एक चीनी मिट्टी का फूलदान भेंट किया। जैसे ही मादुरो ने बैठक समाप्त की, रोड्रिगेज ने चीनी आगंतुक से गालों पर चुंबन स्वीकार किए। मादुरो ने ‘धन्यवाद’ कहने से पूर्व कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि आपसे जल्द ही मुलाकात होगी।’’(‘डब्ल्यू.एस.जे.’ से साभार)-जेम्स टी. अरेड्डी

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