पति का डर्टी बिजनेस: IVF के नाम पर होता था अंडों का व्यापार, 500 से ज्यादा महिलाओं का...

Edited By Updated: 05 Mar, 2026 12:18 PM

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महाराष्ट्र पुलिस ने अंतरराज्यीय महिला अंडाणु (एग) तस्करी रैकेट की जांच में एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने नासिक के एक डेंटिस्ट डॉ. अमोल पाटिल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि डॉक्टर अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड आईवीएफ (IVF) सेंटर...

Nashik Egg Smuggling Racket IVF Center : महाराष्ट्र पुलिस ने अंतरराज्यीय महिला अंडाणु (एग) तस्करी रैकेट की जांच में एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने नासिक के एक डेंटिस्ट डॉ. अमोल पाटिल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि डॉक्टर अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड आईवीएफ (IVF) सेंटर की आड़ में अवैध सरोगेसी और अंडाणुओं की खरीद-फरोख्त का अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंडिकेट चला रहा था।

पत्नी का नाम और पति का डर्टी बिजनेस

डॉ. अमोल पाटिल नासिक के मुंबई नाका इलाके में मालती आईवीएफ सेंटर संचालित करता है। कागजों पर यह सेंटर उसकी पत्नी के नाम है लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि यहां आधिकारिक इलाज के बजाय तस्करी का खेल होता था। डॉ. पाटिल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 9 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस केस में अब तक डॉक्टर समेत कुल 6 लोग सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

कैसे होता था महिलाओं का शोषण?

जांच में जो खुलासे हुए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं। गिरोह गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को पैसे का लालच देता था। एक ही महिला से कई बार अंडाणु लेने के लिए उसके फर्जी आधार कार्ड और नकली दस्तावेज तैयार किए जाते थे। महिलाओं को एक बार एग डोनेट करने के बदले महज 25 से 30 हजार रुपये दिए जाते थे जबकि गिरोह इन अंडाणुओं को निसंतान दंपत्तियों को लाखों रुपये में बेचता था। पुलिस छापेमारी में सेंटर से 15 लाख रुपये की दवाइयां और प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए हैं। आशंका है कि अब तक 500 से अधिक महिलाओं को इस जाल में फंसाया जा चुका है।

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डिजिटल सबूतों ने खोली पोल

उल्हासनगर के डीसीपी सचिन गोरे के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से सैकड़ों महिलाओं की तस्वीरें, फर्जी एफिडेविट और सोनोग्राफी रिपोर्ट मिली हैं। यह गिरोह इतना शातिर था कि कानूनी नियमों से बचने के लिए रिकॉर्ड्स में हेराफेरी करता था। फिलहाल पुलिस की तीन टीमें ठाणे और आसपास के जिलों में छापेमारी कर रही हैं ताकि इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।

जांच के घेरे में अन्य सेंटर

पुलिस अब ठाणे, कल्याण और नासिक के अन्य आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों की भी कुंडली खंगाल रही है। पुलिस को शक है कि इस रैकेट की जड़ें अन्य राज्यों तक भी फैली हो सकती हैं।

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