Why Gold Silver Price up: 46 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, सोने-चांदी में जबरदस्त तेजी, एक्सपर्ट्स दे रहे बड़ी गिरावट की चेतावनी

Edited By Updated: 02 Jan, 2026 04:32 PM

46 year old record has been broken gold silver prices have surged dramatically

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही सोना-चांदी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। दोनों कीमती धातुओं की कीमत ने निवेशकों को चौंका दिया है। 1979 के बाद यानी 46 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने के बाद दोनों कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और कीमतें...

बिजनेस डेस्कः नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही सोना-चांदी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। दोनों कीमती धातुओं की कीमत ने निवेशकों को चौंका दिया है। 1979 के बाद यानी 46 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने के बाद दोनों कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और कीमतें ऊंचे स्तरों के करीब पहुंच गई हैं। हालांकि इस दमदार रैली के बीच बाजार के एक्सपर्ट्स शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली और तेज गिरावट की आशंका जता रहे हैं, जिससे निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई है।

2026 की शुरुआत में ही चमके कीमती धातु

सिंगापुर में शुरुआती कारोबार के दौरान सोना करीब 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं चांदी में 1% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। सुबह करीब 8 बजे (सिंगापुर समय) सोना 0.7% चढ़कर 4,348.42 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। चांदी की कीमत 1.5% उछलकर 72.72 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई। इसके अलावा पैलेडियम और प्लैटिनम में भी लगभग 2% तक की मजबूती दर्ज की गई।

तेजी के पीछे क्या है वजह

बाजार जानकारों का मानना है कि 2026 में भी सोना-चांदी को सपोर्ट मिल सकता है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती और डॉलर में कमजोरी की उम्मीद है। आमतौर पर जब ब्याज दरें घटती हैं और डॉलर कमजोर होता है, तो सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्प ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। हालांकि फिलहाल Bloomberg Dollar Spot Index लगभग स्थिर बना हुआ है।

फिर डर क्यों जता रहे हैं एक्सपर्ट्स?

तेजी के बीच एक्सपर्ट्स एक शॉर्ट टर्म दबाव की चेतावनी दे रहे हैं। साल की शुरुआत में होने वाली पोर्टफोलियो और इंडेक्स री-बैलेंसिंग के कारण कीमती धातुओं में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। दरअसल, बीते साल सोना और चांदी इतनी तेजी से बढ़े हैं कि कई बड़े इंडेक्स में इनका वेट तय सीमा से ज्यादा हो गया है। ऐसे में इंडेक्स-फॉलो करने वाले फंड्स को मजबूरी में कुछ पोजिशन बेचनी पड़ सकती है।

चांदी पर ज्यादा खतरा क्यों

TD सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी स्ट्रैटेजिस्ट डैनियल घाली के मुताबिक अगले दो हफ्तों में चांदी में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उनका कहना है कि Comex की चांदी मार्केट में करीब 13% ओपन इंटरेस्ट बिक सकता है, जिससे चांदी की कीमतों में शॉर्ट टर्म तेज गिरावट यानी री-प्राइसिंग संभव है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो 2026 में भी सोना-चांदी की कहानी मजबूत बनी हुई है लेकिन शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली और री-बैलेंसिंग के कारण दबाव संभव है। निवेशकों के लिए सलाह यही है कि अचानक आई तेजी देखकर जल्दबाजी न करें और लंबी अवधि की रणनीति के साथ ही फैसला लें।
 

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