Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Feb, 2026 09:47 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के कच्चे तेल आयात को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि भारत अब ईरान से नहीं, बल्कि वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका रूस की तेल से होने वाली आमदनी को कमजोर करने...
बिजनेस डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के कच्चे तेल आयात को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि भारत अब ईरान से नहीं, बल्कि वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका रूस की तेल से होने वाली आमदनी को कमजोर करने की व्यापक रणनीति पर काम कर रहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भारत ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल आयात करेगा। ट्रंप ने कहा, “हमने इस डील की अवधारणा पर पहले ही सहमति बना ली है।”
यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका ने भारत को संकेत दिया है कि वह जल्द ही वेनेजुएला से तेल की खरीद दोबारा शुरू करने की अनुमति दे सकता है। सूत्रों के अनुसार, इसका मुख्य मकसद भारत के लिए रूसी तेल के विकल्प तैयार करना है।
दरअसल, अमेरिका रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। वॉशिंगटन चाहता है कि रूस की तेल निर्यात से होने वाली आमदनी कम की जाए, क्योंकि इसी आय से यूक्रेन के खिलाफ चल रही जंग को वित्तीय मदद मिल रही है। ट्रंप ने यह भी याद दिलाया कि मार्च में उन्होंने वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाया था, जिसमें भारत भी शामिल था। इससे साफ है कि वेनेजुएला से तेल खरीद को लेकर अमेरिका पहले सख्त रुख अपना चुका है।
इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर चीन चाहे, तो वह भी अमेरिका के साथ वेनेजुएला से तेल खरीद को लेकर समझौता कर सकता है। कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि अमेरिका अब भारत और चीन जैसे बड़े तेल आयातकों को रूसी तेल से दूर कर वेनेजुएला जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर मोड़ना चाहता है। आने वाले समय में इसका असर वैश्विक तेल व्यापार और जियो-पॉलिटिक्स पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।