Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Jan, 2026 06:22 PM

दुनिया भर में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और अमेरिका की आर्थिक नीतियों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की राह पकड़ ली है। इसका सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिला है। सोने-चांदी के रिकॉर्ड तोड़ने के बाद अब दुनिया की सबसे दुर्लभ और...
बिजनेस डेस्कः दुनिया भर में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और अमेरिका की आर्थिक नीतियों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की राह पकड़ ली है। इसका सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिला है। सोने-चांदी के रिकॉर्ड तोड़ने के बाद अब दुनिया की सबसे दुर्लभ और कीमती धातुओं में शुमार प्लैटिनम (Platinum) ने भी इतिहास रच दिया है। शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को प्लैटिनम की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही और यह अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है।
कारोबारी सत्र के दौरान स्पॉट प्लैटिनम ने $2,715.41 प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छूआ। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तेजी अमेरिका की आर्थिक स्थिति और उसकी पॉलिसी दिशा को लेकर कमजोर होते भरोसे का संकेत है। मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि अमेरिका और उसके एसेट्स में निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है और इसी वजह से पैसा हार्ड एसेट्स, खासकर कीमती धातुओं की ओर शिफ्ट हो रहा है।
डॉलर की कमजोरी ने भी प्लैटिनम की रैली को मजबूती दी। इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की गिरावट आई है और यह दो हफ्ते से ज्यादा के निचले स्तर के पास बना हुआ है। कमजोर डॉलर के चलते डॉलर में कीमत वाली धातुएं विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो गई हैं।
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बदलते ट्रेड संकेतों ने भी बाजार को संवेदनशील बनाए रखा। यूरोपीय यूनियन के खिलाफ नए टैरिफ की धमकियों के बाद बाजार में थोड़ी नरमी जरूर दिखी, जिससे निवेशकों की तात्कालिक चिंता कुछ हद तक कम हुई।
कीमती धातुओं के पूरे कॉम्प्लेक्स में मजबूती देखने को मिली, हालांकि पैलेडियम इस रुख से अलग रहा और 0.9 फीसदी की गिरावट के साथ $1,903.10 प्रति औंस पर आ गया।