2018 में जिस महिला की मौत हुई, अचानक 7 साल बाद हुई FIR में जिंदा... जानें पूरा मामला

Edited By Updated: 03 Feb, 2026 06:31 AM

the woman who died in 2018 suddenly appears alive in an fir filed 7 years later

राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। धनाऊ थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक ऐसी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है, जिसकी मौत साल 2018 में ही हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस की जांच प्रक्रिया और कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

नेशनल डेस्कः राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। धनाऊ थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक ऐसी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है, जिसकी मौत साल 2018 में ही हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस की जांच प्रक्रिया और कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला बाड़मेर जिले के चौहटन उपखंड के धनाऊ थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले केवा राम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने करीब 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिनमें एक मृत महिला का नाम भी शामिल है।एफआईआर में जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनमें शामिल हैं: मूलाराम, केसाराम, हेमाराम, भीखाराम, भिखी देवी (मृत महिला), लाछी देवी, धर्माराम, रूपादेवी, दुदाराम और दुदाराम की पत्नी दौली।

आरोप क्या लगाए गए?
शिकायतकर्ता केवा राम ने पुलिस को बताया कि इन लोगों ने उनके प्लॉट पर कब्जा करने की कोशिश की। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की, प्लॉट में तोड़फोड़ की और बीच-बचाव करने वालों के साथ बदसलूकी की। इसके अलावा जाति सूचक गालियां दीं और विरोध करने पर जानलेवा हमला किया। इस हमले में केवा राम के परिवार के कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सबसे बड़ा सवाल — मृत महिला कैसे आरोपी बनी?
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि भिखी देवी नाम की जिस महिला पर आरोप लगाया गया है, उसकी मौत 2018 में हो चुकी है। अब बड़ा सवाल यह है कि 7 साल पहले मर चुकी महिला 2026 में मारपीट और कब्जे की कोशिश में कैसे शामिल हो सकती है? इस खुलासे के बाद लोगों ने पुलिस की जांच और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

पुलिस का क्या कहना है?
धनाऊ पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही साफ होगा कि गलती कहां हुई। हालांकि, पुलिस अभी तक यह नहीं बता पाई है कि मृत महिला का नाम एफआईआर में कैसे आ गया।

पुलिस की हो रही किरकिरी
मृत महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद बाड़मेर पुलिस की खूब आलोचना हो रही है। लोग इसे बड़ी लापरवाही बता रहे हैं। मृत महिला के परिवार ने भी इस मामले में नाराजगी जताई है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यह पुलिस की बड़ी गलती है, बिना जांच के नाम दर्ज कर दिया गया। पुलिस को जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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