Edited By Pardeep,Updated: 08 Oct, 2026 05:42 AM

देश में खाने-पीने की चीज़ों के साथ ही रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सामानों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसी कड़ी में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने अक्टूबर में अपने लोकप्रिय डिटर्जेंट ब्रांड्स व्हील, सर्फ एक्सेल और रिन के कई पैकेटों के दाम...
नई दिल्ली: देश में खाने-पीने की चीज़ों के साथ ही रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सामानों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसी कड़ी में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने अक्टूबर में अपने लोकप्रिय डिटर्जेंट ब्रांड्स व्हील, सर्फ एक्सेल और रिन के कई पैकेटों के दाम फिर से बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने अलग-अलग प्रोडक्ट्स की कीमतों में 2.2% से लेकर 7.1% तक की बढ़ोतरी कर दी है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इनमें से कई प्रोडक्ट्स के दाम इस साल दूसरी, तीसरी या चौथी बार बढ़ाए गए हैं।
जानिए डिटर्जेंट पाउडर के नए दाम
- व्हील (Wheel): व्हील पाउडर के 1 किलो वाले पैकेट की कीमत 90 रुपये से बढ़ाकर 93 रुपये कर दी गई है। वहीं, इसके 500 ग्राम वाले पैकेट के दाम 46 रुपये से बढ़ाकर 47 रुपये कर दिए गए हैं।
- सर्फ एक्सेल (Surf Excel): सर्फ एक्सेल ईजी वॉश का 1 किलो का पैकेट अब 167 रुपये की जगह 172 रुपये का हो गया है। इसके अलावा इसके 500 ग्राम पैकेट की कीमत 85 रुपये से बढ़ाकर 87 रुपये कर दी गई है।
- रिन (Rin): रिन आला (Rin Ala) के 500ml वाले पैक की कीमत 90 रुपये से बढ़ाकर 95 रुपये कर दी गई है। रिन पाउडर का 1 किलो का पैकेट अब 120 रुपये की जगह 123 रुपये में मिलेगा, जबकि 500 ग्राम पैकेट की कीमत 61 रुपये से बढ़ाकर 63 रुपये कर दी गई है।
इस साल कई बार बढ़ चुकी हैं कीमतें
कंपनी ने इस साल पहले भी डिटर्जेंट प्रोडक्ट्स की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की है। इससे पहले कंपनी व्हील पाउडर की कीमत में 10 रुपये तक की बढ़ोतरी कर चुकी है। वहीं, सर्फ एक्सेल की कीमतों में इस साल करीब 11 रुपये का इजाफा हुआ है और रिन की कीमतों में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
घरेलू बजट पर पड़ेगा सीधा असर
व्हील, रिन और सर्फ एक्सेल घर-घर में रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले डिटर्जेंट हैं, इसलिए इनकी कीमतें बढ़ने का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा। खास तौर पर उन परिवारों पर इसका ज्यादा असर होगा जो नियमित रूप से बड़े पैक खरीदते हैं।
क्यों बार-बार महंगे हो रहे हैं सर्फ और साबुन?
डिटर्जेंट की कीमतों में बार-बार हो रही इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह कच्चे माल और पैकेजिंग की बढ़ती लागत है। उद्योग से जुड़े जानकारों के मुताबिक, पाम ऑयल की कीमत में करीब 20-30% तक की तेजी आई है। इसके अलावा पैकेजिंग की लागत में भी लगभग 50% तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भी उत्पादन लागत पर पड़ा है।