ऑडी ने कहा, आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों पर शुल्क घटाए सरकार

Edited By Updated: 26 Sep, 2021 04:09 PM

audi said the government should reduce duty on imported electric vehicles

जर्मनी की लक्जरी कार कंपनी ऑडी ने भारत में आयातित कारों पर लगने वाली कर की ऊंची दरों को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की वृद्धि के लिए बाधा करार दिया है। कंपनी ने आयातित कारों पर कर की दरों में कटौती का आग्रह किया है। कंपनी ने कहा कि शुल्कों में कुछ राहत...

बिजनेस डेस्कः जर्मनी की लक्जरी कार कंपनी ऑडी ने भारत में आयातित कारों पर लगने वाली कर की ऊंची दरों को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की वृद्धि के लिए बाधा करार दिया है। कंपनी ने आयातित कारों पर कर की दरों में कटौती का आग्रह किया है। कंपनी ने कहा कि शुल्कों में कुछ राहत से भी वह अधिक वाहन बेच सकेगी और अपने मुख्यालय को ऐसे वाहनों के स्थानीय विनिर्माण के लिए निवेश के प्रति आश्वस्त कर पाएगी। ऑडी की देश में फिलहाल पांच बिजली चालित यानी इलेक्ट्रिक वाहन बेचती है। 

कंपनी ने कहा कि आयात किए जाने वाले मॉडलों पर कर में कमी से वाहन के मूल्य को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही बाजार में वह एक निश्चित मात्रा में बिक्री के आंकड़े को हासिल कर पाएगी। ऑडी ने कहा कि यदि कंपनी को बाजार में एक निश्चित हिस्सेदारी मिलती है तो वह अपने वैश्विक मुख्यालय को भारत विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए देश में फिर से निवेश करने के लिए मनाने की कोशिश करेगी। 

ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि कंपनी देश में आयातित अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पहले सेट को बेच दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हाल में भारतीय बाजार में उतारी गई की गई बिजली से चलने वाली ई-ट्रॉन गाड़ी की पहली खेप बिक गई हैं। इससे हमें विश्वास मिला है कि लोग और भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तैयार है। यह सब हमें ऐसी अधिक से अधिक कारों को पेश करने में मदद कर रहा है।''

कंपनी ने पिछले सप्ताह ही दो नई पूर्ण इलेक्ट्रिक चार दरवाजे की कूपे ई-ट्रॉन जीटी और आरएस ई-ट्रॉन जीटी भारत में पेश की है। इसके साथ कंपनी की भारत में बिजली से चलने वाली कुल पांच गाड़ियां हो गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आयात शुल्क इलेक्ट्रिक वाहनों के रास्ते में बाधक साबित हो रहा है। 

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