Edited By jyoti choudhary,Updated: 31 Mar, 2026 03:38 PM

मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। EY की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह संकट अगले वित्त वर्ष तक जारी रहता है, तो भारत की रियल GDP ग्रोथ में करीब 1% की गिरावट आ सकती है, जबकि खुदरा महंगाई 1.5% तक बढ़ सकती है।
बिजनेस डेस्कः मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। EY की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह संकट अगले वित्त वर्ष तक जारी रहता है, तो भारत की रियल GDP ग्रोथ में करीब 1% की गिरावट आ सकती है, जबकि खुदरा महंगाई 1.5% तक बढ़ सकती है।
रोजगार वाले सेक्टर्स पर सीधा असर
रिपोर्ट के अनुसार टेक्सटाइल, पेंट, केमिकल, फर्टिलाइजर, सीमेंट और टायर जैसे सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ेगा। ये सेक्टर्स रोजगार से जुड़े हैं, इसलिए यहां गिरावट आने पर आय और मांग दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
तेल कीमतों से बढ़ी चिंता
भारत अपनी लगभग 90% कच्चे तेल की जरूरत आयात करता है। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर देश पर पड़ता है। OECD ने भी चेतावनी दी है कि ग्रोथ दर घट सकती है। 28 फरवरी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50% तक उछाल आ चुका है, जिससे ऊर्जा लागत बढ़ी है और इसका असर कई उद्योगों तक फैल रहा है।
महंगाई और ग्रोथ पर डबल झटका
EY के मुताबिक, अगर हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो भारत को कम ग्रोथ और ज्यादा महंगाई जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इससे उपभोक्ता मांग कमजोर होगी और आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ सकती हैं।
सरकार को क्या करना होगा?
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरकार को काउंटर-साइक्लिकल नीतियां अपनानी होंगी। साथ ही आर्थिक स्थिरता के लिए बनाए गए फंड को और मजबूत करने की जरूरत होगी, ताकि वैश्विक झटकों का असर कम किया जा सके।