Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Mar, 2026 04:01 PM

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब चार साल के उच्च स्तर पर बंद हुआ। इसकी बड़ी वजह इराक द्वारा विदेशी कंपनियों के तेल क्षेत्रों पर ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित करना और मध्यपूर्व में बढ़ता युद्ध...
बिजनेस डेस्कः वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब चार साल के उच्च स्तर पर बंद हुआ। इसकी बड़ी वजह इराक द्वारा विदेशी कंपनियों के तेल क्षेत्रों पर ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित करना और मध्यपूर्व में बढ़ता युद्ध तनाव है।
मई डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड 3.54 डॉलर (3.26%) बढ़कर 112.19 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जो जुलाई 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। वहीं, अप्रैल डिलीवरी वाला अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.18 डॉलर (2.27%) चढ़कर 98.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
जंग तेज, तेल सप्लाई पर गहराया संकट
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। ईरान के प्रमुख ऊर्जा ढांचे पर हमले हो रहे हैं, वहीं जवाबी कार्रवाई में ईरान ने सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे पड़ोसी देशों को निशाना बनाया है।
सबसे बड़ी चिंता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समुद्री मार्ग पर आवाजाही बाधित हो गई है। दुनिया में सप्लाई होने वाले कच्चे तेल का करीब 20% इसी रास्ते से गुजरता है, ऐसे में इसका बंद होना बाजार के लिए बड़ा झटका है।
लंबे समय तक बनी रह सकती है सप्लाई में बाधा
विश्लेषकों का मानना है कि तेल की आपूर्ति में यह बाधा लंबी खिंच सकती है। होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा पूरी तरह खुलने में कई सप्ताह लग सकते हैं। इस बीच, ब्रेंट क्रूड में सप्ताहभर में करीब 8.8% की तेजी दर्ज की गई, जबकि डब्ल्यूटीआई में हल्की गिरावट रही।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल युद्धविराम की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत की स्थिति नहीं बची है और अमेरिका अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।
अमेरिका ने दी अस्थायी राहत
तनाव के बीच अमेरिकी प्रशासन ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव के अनुसार, इससे कुछ दिनों में एशियाई बाजारों को सीमित राहत मिल सकती है।
कीमतों में गिरावट के लिए सप्लाई बहाल होना जरूरी
गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों पर जोखिम अभी भी ऊंचा बना हुआ है। जब तक होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई सामान्य नहीं होती, तब तक कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौजूदा व्यवधान लंबे समय तक जारी रहता है, तो ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रह सकता है। यहां तक कि 2008 के रिकॉर्ड स्तर को पार करने की भी आशंका जताई जा रही है।