Edited By jyoti choudhary,Updated: 17 Mar, 2026 03:05 PM

वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उथल-पुथल के बीच कुवैत के कच्चे तेल (Kuwait Export Blend) की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 17 मार्च, 2026 को तेल की कीमत बढ़कर 143.04 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो करीब 22% की बड़ी...
बिजनेस डेस्कः वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उथल-पुथल के बीच कुवैत के कच्चे तेल (Kuwait Export Blend) की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 17 मार्च, 2026 को तेल की कीमत बढ़कर 143.04 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो करीब 22% की बड़ी तेजी को दर्शाता है।
पिछले कुछ हफ्तों में कुवैत ऑयल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फरवरी के अंत तक जहां कीमतें 70 डॉलर के आसपास स्थिर थीं, वहीं मार्च की शुरुआत से इसमें तेज उछाल शुरू हुआ, जो अब रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता इस तेजी की मुख्य वजह हैं। कुवैत जैसे प्रमुख तेल निर्यातक देशों से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों को ऊपर धकेला है।
इस उछाल का असर केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों, ट्रांसपोर्ट लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। अगर आने वाले दिनों में यह तेजी जारी रहती है, तो आम उपभोक्ताओं को ईंधन के साथ-साथ रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी महंगाई का असर झेलना पड़ सकता है।