Minimum Balance Penalty: मिनिमम बैलेंस पेनल्टी पर सरकार का बड़ा बयान, वित्त मंत्री ने लोकसभा में किया हैरान करने वाला खुलासा

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 05:30 PM

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सरकार ने साफ किया है कि उसने सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगाए जाने वाले पेनल्टी चार्ज को माफ करने के लिए बैंकों को कोई सीधा निर्देश नहीं दिया है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने लोकसभा में बताया कि कुछ सरकारी बैंकों ने ग्राहक-हित...

बिजनेस डेस्कः सरकार ने साफ किया है कि उसने सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगाए जाने वाले पेनल्टी चार्ज को माफ करने के लिए बैंकों को कोई सीधा निर्देश नहीं दिया है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने लोकसभा में बताया कि कुछ सरकारी बैंकों ने ग्राहक-हित को ध्यान में रखते हुए अपनी तरफ से इन चार्ज की समीक्षा की है और कई मामलों में इन्हें खत्म भी किया है।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, पब्लिक सेक्टर बैंकों ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) न रखने पर ग्राहकों से कुल 8,092.83 करोड़ रुपए पेनल्टी के रूप में वसूले। हालांकि सरकार का कहना है कि यह राशि बैंकों की कुल आय का केवल करीब 0.23 प्रतिशत है और इसका उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं बल्कि बैंकिंग सेवाओं की लागत की भरपाई करना है।

जीरो-बैलेंस खातों पर कोई पेनल्टी नहीं

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे खाते हैं जिनमें किसी तरह का मिनिमम बैलेंस जरूरी नहीं होता। इनमें बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA) और Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana के तहत खोले गए खाते शामिल हैं। इन खातों पर मिनिमम बैलेंस न रखने पर कोई पेनल्टी नहीं लगती और ऐसे लगभग 72 करोड़ खाते देश में मौजूद हैं।

कई बैंकों ने खुद खत्म किए चार्ज

वित्त मंत्रालय के अनुसार, कई सरकारी बैंकों ने हाल के वर्षों में ग्राहकों के हित में सर्विस चार्ज में बदलाव किए हैं। उदाहरण के तौर पर State Bank of India ने मार्च 2020 में सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाला पेनल्टी चार्ज खत्म कर दिया था। इसके अलावा 2025 में नौ अन्य सरकारी बैंकों ने भी ऐसे चार्ज पूरी तरह माफ कर दिए, जबकि कुछ बैंकों ने इन्हें कम किया है।

रिफंड की कोई योजना नहीं

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कम आय वाले खाताधारकों से लिए गए चार्ज को वापस करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। बैंकों को अपने बोर्ड द्वारा तय नीतियों के अनुसार, Reserve Bank of India की गाइडलाइंस का पालन करते हुए ऐसे सर्विस चार्ज लगाने की अनुमति है।

पेनल्टी से पहले ग्राहकों को दी जाती है सूचना

इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि यदि किसी खाते का बैलेंस तय सीमा से कम हो जाता है तो बैंक ग्राहकों को पहले सूचना देते हैं। आमतौर पर SMS, ई-मेल या अन्य माध्यमों से चेतावनी दी जाती है ताकि ग्राहक पेनल्टी लगने से पहले अपना बैलेंस दोबारा तय स्तर तक पहुंचा सकें।
 

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