सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले FPI को अब निवेशक समूह का ब्योरा देने की जरूरत नहीं

Edited By Updated: 07 Sep, 2026 06:25 PM

fpis investing in government securities are no longer required

बाजार नियामक सेबी ने विदेशी निवेशकों के लिए निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कदम उठाया। इसके तहत केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को अब निवेशक समूह का ब्योरा देने की

नई दिल्लीः बाजार नियामक सेबी ने विदेशी निवेशकों के लिए निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कदम उठाया। इसके तहत केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को अब निवेशक समूह का ब्योरा देने की जरूरत नहीं होगी। इस कदम का उद्देश्य केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई के लिए नियामकीय अनुपालन को सुगम बनाना है।

यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक के पांच जून को सामान्य मार्ग के तहत सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई के लिए निर्धारित निवेश सीमा का अनुपालन करने की आवश्यकता वापस लिए जाने के बाद उठाया गया है। इसके परिणामस्वरूप, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई के लिए अपने निवेशक समूह की पहचान बताने की आवश्यकता अब प्रासंगिक नहीं रह गई है और इसलिए इसे हटा दिया गया है। 

नियामक ने कहा, ''केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई को निवेशक समूह का ब्योरा देने की आवश्यकता नहीं होगी।'' यह नई रूपरेखा तत्काल प्रभाव से लागू होगी।  


 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!