Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Jan, 2026 03:27 PM

सरकार ने गुरुवार को बताया कि दिसंबर महीने में देश का सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह 6.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1.75 लाख करोड़ हो गया। यह आंकड़ा पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को दर्शाता है
बिजनेस डेस्कः भारत का सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़ से अधिक हो गया। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घरेलू बिक्री से राजस्व में अपेक्षाकृत धीमी बढ़ोतरी और हालिया टैक्स कटौतियों के बावजूद जीएसटी कलेक्शन में इजाफा दर्ज किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2024 में ग्रॉस GST रेवेन्यू ₹1.64 लाख करोड़ से ज्यादा था। दिसंबर 2025 में घरेलू लेनदेन से प्राप्त जीएसटी राजस्व 1.2 प्रतिशत बढ़कर ₹1.22 लाख करोड़ से अधिक रहा। वहीं, आयातित वस्तुओं से मिलने वाला राजस्व 19.7 प्रतिशत की तेज बढ़त के साथ ₹51,977 करोड़ तक पहुंच गया।
रिफंड बढ़े, नेट GST में सीमित बढ़ोतरी
दिसंबर महीने में जीएसटी रिफंड 31 प्रतिशत बढ़कर ₹28,980 करोड़ हो गया। रिफंड समायोजित करने के बाद नेट GST रेवेन्यू ₹1.45 लाख करोड़ से अधिक रहा, जो साल-दर-साल आधार पर 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
सेस कलेक्शन में तेज गिरावट
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में सेस कलेक्शन घटकर ₹4,238 करोड़ रह गया, जबकि दिसंबर 2024 में यह ₹12,003 करोड़ था।
GST दरों में कटौती का असर
गौरतलब है कि 22 सितंबर 2025 से लगभग 375 वस्तुओं पर GST दरों में कटौती की गई थी, जिससे कई सामान सस्ते हुए। इसके अलावा, अब कंपनसेशन सेस केवल तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर लगाया जा रहा है, जबकि पहले यह लग्ज़री, सिन और डीमेरिट गुड्स पर भी लागू था। इन बदलावों का असर जीएसटी रेवेन्यू की वृद्धि दर पर साफ तौर पर देखने को मिला है।