दिसंबर में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात घटा, व्यापारिक ढांचा बरकरार

Edited By Updated: 30 Dec, 2025 06:23 PM

india s crude oil imports from russia decreased in december

दिसंबर में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात तेजी से घट सकता है लेकिन यह गिरावट आपूर्ति स्रोतों में किसी संरचनात्मक बदलाव के बजाय अल्पकालिक बाधाओं को दर्शाती है। ताजा आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली कंपनी केप्लर के अनुसार दिसंबर में भारत का रूस से...

बिजनेस डेस्कः दिसंबर में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात तेजी से घट सकता है लेकिन यह गिरावट आपूर्ति स्रोतों में किसी संरचनात्मक बदलाव के बजाय अल्पकालिक बाधाओं को दर्शाती है। ताजा आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली कंपनी केप्लर के अनुसार दिसंबर में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) रहने का अनुमान है, जो नवंबर में 18.4 लाख बीपीडी था। यह स्तर दिसंबर 2022 के बाद सबसे निचला होगा। भारतीय रिफाइनरी गैर-प्रतिबंधित इकाइयों से रूसी कच्चे तेल की खरीद जारी रखे हुए हैं। विश्लेषकों ने अक्टूबर में ही इस गिरावट की ओर इशारा किया था। ऐसा रूस के शीर्ष निर्यातकों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी कार्रवाई तथा रूस से जुड़े उत्पाद प्रवाह पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के चलते हुआ। 

केप्लर के प्रमुख शोध विश्लेषक सुमित रितोलिया ने कहा, ''दिसंबर में भारत में रूसी कच्चे तेल की मांग तेजी से सुस्त हुई और आयात 2022 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया है। प्रमुख रिफाइनरी ने रोसनेफ्ट और लुकोइल पर लगे प्रतिबंधों के बाद खरीद घटा दी है। यह एक अल्पावधि का समायोजन लगता है और जनवरी से नए बिचौलियों के आने तथा आपूर्ति शृंखलाओं के दोबारा स्थापित होने के साथ आयात में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।'' भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और वह फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था।  

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