50 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स का इनकम टैक्स रिफंड अटका, जानिए देरी की वजह

Edited By Updated: 12 Jan, 2026 02:52 PM

income tax refunds of over 50 lakh taxpayers are stuck

आकलन वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड संख्या में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल और प्रोसेस किए गए हैं, इसके बावजूद लाखों टैक्सपेयर्स अभी भी अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। आयकर विभाग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 8 करोड़ से ज्यादा रिटर्न प्रोसेस हो चुके...

बिजनेस डेस्कः आकलन वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड संख्या में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल और प्रोसेस किए गए हैं, इसके बावजूद लाखों टैक्सपेयर्स अभी भी अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। आयकर विभाग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 8 करोड़ से ज्यादा रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं लेकिन करीब 50 लाख से अधिक रिटर्न अभी भी पेंडिंग हैं, जिनमें कई रिफंड क्लेम से जुड़े हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, 11 जनवरी तक कुल 8.8 करोड़ ITR फाइल किए गए, जिनमें से 8.68 करोड़ वेरिफाई और 8.15 करोड़ प्रोसेस हो चुके हैं। इसका मतलब है कि करीब 53 लाख रिटर्न अभी जांच और प्रोसेसिंग के चरण में हैं।

कड़ी जांच की वजह से धीमी हुई प्रोसेसिंग

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिफंड में देरी की सबसे बड़ी वजह आयकर विभाग द्वारा सख्त जांच प्रक्रिया अपनाना है। खासतौर पर बड़े या असामान्य रिफंड क्लेम वाले मामलों को मैनुअल वेरिफिकेशन के लिए रोका जा रहा है। ऑटोमैटिक रिस्क फिल्टर, AIS और फॉर्म 26AS से डेटा मिसमैच होने पर सिस्टम अलर्ट जारी कर रहा है, जिससे प्रोसेसिंग में अतिरिक्त समय लग रहा है।

NUDGE पहल से बढ़ी जांच की एक और परत

रिफंड में देरी का एक और कारण CBDT की NUDGE पहल का दूसरा चरण है। इसके तहत टैक्स अधिकारी AEOI डेटा के जरिए यह जांच कर रहे हैं कि कहीं टैक्सपेयर्स ने विदेशी आय या विदेशी संपत्ति की जानकारी ITR में छुपाई तो नहीं है। ऐसे मामलों में रिटर्न को अतिरिक्त जांच के लिए रोका जा रहा है।

डेडलाइन बढ़ने से बना प्रोसेसिंग बैकलॉग

ITR फाइल करने की अंतिम तारीख को दो बार बढ़ाया गया था, जिससे सितंबर महीने में बड़ी संख्या में रिटर्न फाइल हुए। इस भारी भीड़ के कारण सिस्टम पर दबाव बढ़ा और प्रोसेसिंग में देरी हो गई। इसके अलावा, टैक्सपेयर्स द्वारा बताई गई इनकम और बैंकों या नियोक्ताओं के डेटा में अंतर भी देरी की वजह बन रहा है।

जिनका रिफंड नहीं आया, उन्हें क्या करना चाहिए?

टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह है कि टैक्सपेयर्स नियमित रूप से इनकम टैक्स पोर्टल पर अपना ITR स्टेटस चेक करें। बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन पूरा रखें और विभाग से आने वाले ईमेल या SMS का तुरंत जवाब दें। अगर किसी तरह की गलती नजर आए, तो समय रहते रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना बेहतर रहेगा।
 

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!