Gold Market में बड़ा बदलाव, डीमैट अकाउंट से खरीद सकेंगे फिजिकल गोल्ड, NSE लाया नया सिस्टम

Edited By Updated: 09 May, 2026 06:05 PM

major shift in the gold market buy physical gold via demat accounts

भारत में सोना सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि परंपरा और भरोसे से भी जुड़ा हुआ है। हालांकि, सोना खरीदते समय ग्राहकों को अक्सर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अलग-अलग शहरों में अलग कीमतें, प्योरिटी को लेकर चिंता, ज्वैलर्स पर निर्भरता और लॉकर में...

बिजनेस डेस्कः भारत में सोना सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि परंपरा और भरोसे से भी जुड़ा हुआ है। हालांकि, सोना खरीदते समय ग्राहकों को अक्सर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अलग-अलग शहरों में अलग कीमतें, प्योरिटी को लेकर चिंता, ज्वैलर्स पर निर्भरता और लॉकर में रखने का अतिरिक्त खर्च लंबे समय से निवेशकों के लिए चुनौती बने हुए थे। अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इन परेशानियों को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एक्सचेंज ने EGR यानी इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसिप्ट सिस्टम शुरू किया है, जिसके जरिए निवेशक अब अपने डीमैट अकाउंट के माध्यम से फिजिकल गोल्ड खरीद सकेंगे।

क्या है EGR सिस्टम?

EGR एक डिजिटल प्रमाणपत्र की तरह काम करता है, जो असली फिजिकल गोल्ड का प्रतिनिधित्व करता है। निवेशकों का सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाएगा और उसकी ओनरशिप डीमैट अकाउंट में दिखाई देगी, ठीक वैसे ही जैसे शेयर होल्डिंग दिखाई देती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जरूरत पड़ने पर इसे फिजिकल गोल्ड में बदला भी जा सकता है। यही वजह है कि यह गोल्ड ETF से अलग माना जा रहा है, क्योंकि ETF को सीधे फिजिकल गोल्ड में कन्वर्ट नहीं किया जा सकता।

प्योरिटी और कीमतों में पारदर्शिता

भारत में अब तक गोल्ड मार्केट काफी असंगठित रहा है, जहां अलग-अलग शहरों और ज्वैलर्स के यहां सोने के दाम और प्योरिटी में अंतर देखने को मिलता था। EGR सिस्टम के तहत केवल 999 और 995 प्योरिटी वाले गोल्ड को शामिल किया जाएगा। इससे ग्राहकों को शुद्धता को लेकर ज्यादा भरोसा मिलेगा और गोल्ड प्राइसिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसे “वन नेशन, वन ट्रांसपेरेंट गोल्ड प्राइस” की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।

छोटे निवेशकों को मिलेगा फायदा

इस सिस्टम की मदद से अब छोटे निवेशक भी आसानी से गोल्ड में निवेश कर सकेंगे। निवेश की शुरुआत सिर्फ 100 मिलीग्राम गोल्ड से की जा सकेगी, जिसकी कीमत करीब 1500 रुपए के आसपास हो सकती है। इससे कम बजट वाले निवेशकों के लिए भी गोल्ड मार्केट तक पहुंच आसान होगी।

लॉकर और सुरक्षा की चिंता कम

EGR सिस्टम के जरिए निवेशकों को सोना घर या बैंक लॉकर में रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गोल्ड सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाएगा और उसकी पूरी जानकारी डीमैट अकाउंट में उपलब्ध रहेगी। इससे चोरी का जोखिम कम होगा और लॉकर चार्ज जैसे अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिलेगी। साथ ही गोल्ड की खरीद-बिक्री शेयरों की तरह आसान और तेज हो जाएगी।

गोल्ड मार्केट में बड़ा बदलाव संभव

विशेषज्ञों के मुताबिक, EGR सिस्टम भारत के गोल्ड बाजार में बड़ा बदलाव ला सकता है। जिस तरह शेयर बाजार में फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट की जगह डीमैट सिस्टम ने ली थी, उसी तरह अब गोल्ड ट्रेडिंग भी धीरे-धीरे डिजिटल फॉर्म की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में यह व्यवस्था गोल्ड निवेश को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बना सकती है।
 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!