Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 May, 2026 06:09 PM

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे कीमतें बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
बिजनेस डेस्कः देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे कीमतें बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
कंपनियों को भारी घाटा
अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बेच रही हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹2-₹4 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। इस मुद्दे पर कंपनियां पेट्रोलियम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के साथ लगातार चर्चा कर रही हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। इससे भारत जैसे आयातक देशों की लागत बढ़ गई है और कंपनियों की मार्जिन पर असर पड़ा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंप पुरी (Hardeep Singh Puri) ने पहले बताया था कि कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर करीब ₹24 और डीजल पर ₹30 तक का नुकसान हो रहा है।
4 साल से नहीं बढ़ी कीमतें
सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले करीब चार वर्षों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में कीमतों को लंबे समय तक स्थिर रखना मुश्किल हो रहा है।
महंगाई पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि खासकर डीजल की कीमत बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे फल-सब्जियों सहित रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।