नीतिगत दरों में कटौती का रियल एस्टेट ने किया स्वागत

Edited By Updated: 07 Feb, 2025 02:50 PM

real estate welcomed the reduction in policy rates

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा लगभग पांच वर्षों में पहली बार रेपो दर में 0.25% की कटौती कर 6.25% करने के निर्णय का रियल एस्टेट उद्योग ने स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से आवासीय मांग को बढ़ावा मिलेगा, तरलता में सुधार होगा और...

बिजनेस डेस्कः भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा लगभग पांच वर्षों में पहली बार रेपो दर में 0.25% की कटौती कर 6.25% करने के निर्णय का रियल एस्टेट उद्योग ने स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से आवासीय मांग को बढ़ावा मिलेगा, तरलता में सुधार होगा और किफायती आवास क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

एसपीजे ग्रुप के अध्यक्ष पंकज जैन ने कहा कि रेपो रेट में कटौती रियल एस्टेट उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे उधार लेने की लागत कम होगी, जिससे घर खरीददारों की रुचि बढ़ेगी और डेवलपर्स को अपनी परियोजनाओं के लिए अधिक किफायती वित्तपोषण मिलेगा। खासकर मध्य और किफायती आवास क्षेत्रों में इस कदम से काफी लाभ होगा।

यूनिटी ग्रुप के मुख्य परिचालन अधिकारी कुणाल बेहरानी ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह दर कटौती आरबीआई की विकास समर्थक नीति का संकेत है और यह ऐसे समय आई है जब रियल एस्टेट उद्योग स्थिर वृद्धि की तलाश में था। कम होम लोन ब्याज दरें खरीदारों को निवेश के लिए प्रेरित करेंगी, जबकि डेवलपर्स को नई और मौजूदा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण लागत में राहत मिलेगी।

मोर्स के सीईओ मोहित मित्तल ने कहा कि नीतिगत दर में कटौती का यह निर्णय आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह वित्तपोषण को अधिक आकर्षक बनाएगा और आवासीय एवं वाणिज्यिक रियल एस्टेट परिसंपत्तियों में नई रुचि उत्पन्न करेगा। उम्मीद है कि संस्थागत निवेश में तेजी आएगी और इस क्षेत्र की समग्र स्थिरता सुनिश्चित होगी।

केडीएमजी ग्रुप के सेल्स एंड मार्केटिंग निदेशक विवेक सिन्हा ने कहा कि आरबीआई का यह कदम सही दिशा में है। इससे होमबायर्स की पूछताछ में वृद्धि होगी और बाजार की धारणा मजबूत होगी। अब यह महत्वपूर्ण है कि बैंक और वित्तीय संस्थान इस कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंचाएं, जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र में अधिकतम सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित हो सके।  

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस दर कटौती से होम लोन की ब्याज दरों में कमी आएगी, जिससे घर खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए ऋण अधिक सुलभ और किफायती होगा। इसके अतिरिक्त, डेवलपर्स के लिए वित्तपोषण लागत में कमी आने से नई परियोजनाओं की शुरुआत और मौजूदा परियोजनाओं की समय पर पूर्णता में सहायता मिलेगी।

हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि बैंक और वित्तीय संस्थान इस दर कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंचाएं, ताकि रियल एस्टेट क्षेत्र में अधिकतम सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, सरकार और संबंधित संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नीतिगत दरों में कटौती का लाभ वास्तविक रूप से अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचे और रियल एस्टेट क्षेत्र में स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिले।
 

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