AI में 110 अरब डॉलर निवेश की योजना रिलायंस का अगला बड़ा पूंजी आवंटन चरण

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 06:01 PM

reliance plans to invest 110 billion in ai its next major capital allocation

करीब पांच दशक के अपने सफर में हर दशक में कारोबारी मॉडल बदलने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की अब कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र में 110 अरब डॉलर निवेश की योजना उसके पूंजी आवंटन का अगला बड़ा चरण है। ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने सोमवार...

नई दिल्लीः करीब पांच दशक के अपने सफर में हर दशक में कारोबारी मॉडल बदलने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की अब कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र में 110 अरब डॉलर निवेश की योजना उसके पूंजी आवंटन का अगला बड़ा चरण है। ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही। विविध कारोबार क्षेत्रों में सक्रिय आरआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने पिछले सप्ताह 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में सात वर्षों के भीतर एआई, संबंधित ऊर्जा आपूर्ति और डिजिटल पारिस्थितिकी में 10 लाख करोड़ रुपए (करीब 110 अरब डॉलर) के निवेश की घोषणा की थी। यह निवेश 2014-2021 के बीच रिलायंस द्वारा दूरसंचार और उपभोक्ता कारोबार में किए गए निवेश के बराबर बताया गया है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस एआई क्षेत्र में साझेदारी-आधारित मॉडल अपनाएगी। मेटा और गूगल जैसी कंपनियों के साथ सहयोग से उसे पूंजीगत व्यय कम करने में मदद मिल सकती है। अनुमान है कि 110 अरब डॉलर का निवेश कई गीगावाट वाले डेटा सेंटर बनाने, 10 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना, ऊर्जा भंडारण प्रणाली और एआई चिप में किया जाएगा। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी आरआईएल का वार्षिक परिचालन नकदी प्रवाह 14-15 अरब डॉलर है। उसे मुक्त नकदी प्रवाह संतुलित रखने के लिए सालाना चार-पांच अरब डॉलर का अतिरिक्त वित्तपोषण संपत्ति मौद्रीकरण के जरिये जुटाना पड़ सकता है। 

मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि रिलायंस को एआई अवसंरचना में निवेश से पूंजी पर शुद्ध प्रतिफल 12 प्रतिशत से अधिक और इक्विटी पर प्रतिफल लगभग 18 प्रतिशत मिल सकता है, जो पिछले दशक के उपभोक्ता और दूरसंचार निवेश से लगभग दोगुना है। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में 120 मेगावाट क्षमता शुरू करने की योजना बना रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत एआई अवसंरचना के मामले में वैश्विक स्तर की बराबरी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है और ऊर्जा एवं एआई बाजारों के संयोजन से रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपने निवेश विस्तार के साथ विशेष बढ़त मिल सकती है। 
 

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