Edited By jyoti choudhary,Updated: 19 Oct, 2026 06:05 PM

दिवाली पर शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए अहम खबर है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने रविवार, 8 नवंबर 2026 को होने वाले विशेष ट्रेडिंग सत्र का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस दिन सामान्य कारोबार दोपहर 2:20 बजे से...
मुंबईः दिवाली पर शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए अहम खबर है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने रविवार, 8 नवंबर 2026 को होने वाले विशेष ट्रेडिंग सत्र का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस दिन सामान्य कारोबार दोपहर 2:20 बजे से शाम 3:30 बजे तक चलेगा। इससे पहले प्री-ओपन और ब्लॉक डील सहित कई विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
प्री-ओपन सेशन दोपहर 2:05 बजे से
एनएसई के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए प्री-ओपन ऑर्डर एंट्री का समय दोपहर 2:05 से 2:15 बजे तक रहेगा। इसके बाद 2:15 से 2:17 बजे तक ऑर्डर मैचिंग और ट्रेड कन्फर्मेशन होगा। दोपहर 2:17 से 2:20 बजे तक बफर पीरियड रहेगा। इसके बाद मुख्य कारोबार शुरू होगा। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दायरे में आने वाली सिक्योरिटीज में सामान्य कारोबार दोपहर 3:15 बजे तक होगा।
ब्लॉक डील और IPO के लिए अलग समय
मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन ब्लॉक डील सेशन दोपहर 1:50 से 2:05 बजे तक आयोजित होगा। वहीं, आईपीओ और दोबारा सूचीबद्ध होने वाली कंपनियों के शेयरों के लिए विशेष प्री-ओपन सेशन 2:05 से 2:50 बजे तक चलेगा। इसके बाद संबंधित शेयरों में सामान्य कारोबार 3:05 से 3:30 बजे तक होगा। कम लिक्विडिटी वाले शेयरों के लिए कॉल ऑक्शन सेशन 2:25 से 3:10 बजे तक निर्धारित किया गया है।
शाम 4 बजे तक पोस्ट-क्लोज सेशन
क्लोजिंग ऑक्शन के लिए ऑर्डर एंट्री का समय 3:20 से 3:30 बजे तक रहेगा। ऑर्डर मैचिंग और ट्रेड कन्फर्मेशन 3:30 से 3:35 बजे तक होगा। इसके बाद पोस्ट-क्लोज सेशन 3:50 से शाम 4 बजे तक चलेगा। ट्रेड में बदलाव करने की अंतिम समय सीमा शाम 4:15 बजे रखी गई है।
सौदों का सेटलमेंट करना जरूरी
एनएसई ने स्पष्ट किया है कि मुहूर्त ट्रेडिंग में किए गए सौदों पर भी सेटलमेंट की जिम्मेदारी लागू होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली पर आयोजित होने वाली बाजार की पारंपरिक गतिविधि है, जिसे नए हिंदू कैलेंडर वर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत से जोड़ा जाता है। हालांकि, निवेशकों को केवल शुभ मुहूर्त के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, शेयर के मूल्य और अपने निवेश लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है।