Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Jul, 2026 04:52 PM

आज से कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों में एलपीजी से जुड़े नए नियम भी शामिल है। सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडेन, भारत गैस और HP गैस ने ग्राहकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी प्रक्रिया और पीएनजी...
बिजनेस डेस्कः आज से कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों में एलपीजी से जुड़े नए नियम भी शामिल है। सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडेन, भारत गैस और HP गैस ने ग्राहकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी प्रक्रिया और पीएनजी कनेक्शन से जुड़े नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
सिलेंडर डिलीवरी के लिए OTP और DAC जरूरी
अब एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के जरिए वेरिफिकेशन कराना होगा। सही वेरिफिकेशन के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे फर्जी बुकिंग, कालाबाजारी और गैस की गलत डिलीवरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। डिलीवरी पूरी होने के बाद ग्राहक के मोबाइल नंबर पर कैश मेमो भेजा जाएगा, जिसमें भुगतान, डिलीवरी तारीख और सिलेंडर से जुड़ी जानकारी होगी।
e-KYC नहीं कराने पर सब्सिडी पर असर
एलपीजी सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों के लिए e-KYC जरूरी कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने तय समय सीमा तक e-KYC पूरी नहीं कराई है, उनकी सब्सिडी रुक सकती है। सब्सिडी की राशि ग्राहक के e-KYC से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है।
PNG कनेक्शन वालों के लिए नया नियम
जिन ग्राहकों के घर में PNG कनेक्शन है और वे अभी भी एलपीजी सिलेंडर बुक कर रहे हैं, उन्हें अपना PNG कनेक्शन सक्रिय करना होगा। इसके बाद तय समय में एलपीजी सिलेंडर जमा करना होगा। इसके बदले ग्राहक को ट्रांसफर वाउचर मिलेगा, जिसका इस्तेमाल भविष्य में दोबारा एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए किया जा सकेगा।
PNG बिल नहीं भरने पर कनेक्शन कट सकता है
अगर PNG ग्राहक लगातार दो महीने तक बिल जमा नहीं करता है, तो उसका कनेक्शन बंद किया जा सकता है। दोबारा कनेक्शन शुरू कराने के लिए पहले बकाया बिल का भुगतान करना होगा। पाइपलाइन या वाल्व को नुकसान पहुंचने पर मरम्मत का खर्च भी ग्राहक को उठाना पड़ सकता है।