Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Feb, 2026 12:16 PM

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार, 2 फरवरी को चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पिछले दिनों चांदी ने 4,20,000 रुपए प्रति किलो रिकॉर्ड हाई बनाया था जो अब गिरकर करीब 186,226 रुपए पर आ चुकी है।
बिजनेस डेस्कः मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार, 2 फरवरी को चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पिछले दिनों चांदी ने 4,20,000 रुपए प्रति किलो रिकॉर्ड हाई बनाया था जो अब गिरकर करीब 186,226 रुपए पर आ चुकी है।
सोमवार को MCX पर चांदी 12% टूटकर 2,33,774 रुपए प्रति किलो के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। कीमतों पर दबाव की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर में मजबूती और CME एक्सचेंज द्वारा फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर बढ़ाई गई मार्जिन जरूरतों का लागू होना रहा।
MCX पर सोना भी फिसला
सोमवार के सत्र में MCX पर सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। सोना 5.45% टूटकर 1,39,590 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर पर आ गया। यह अपने ऑल टाइम हाई से करीब 53,506 रुपए सस्ता हो चुका है। आज सोने में 8049 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है।
क्यों टूटीं कीमती धातुएं?
विशेषज्ञों के मुताबिक, गिरावट का तात्कालिक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को अगला फेडरल रिजर्व चेयरमैन नामित करने की योजना की खबर रही। इससे डॉलर मजबूत हुआ और सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें बढ़ गईं, जो डॉलर में कीमत वाली बुलियन के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।
इसके अलावा, CME ग्रुप द्वारा कॉमेक्स गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने के फैसले से भी दबाव बढ़ा। 2 फरवरी से लागू इस फैसले के तहत सोने के फ्यूचर्स पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और सिल्वर फ्यूचर्स पर 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। उच्च जोखिम वाले खातों के लिए मार्जिन इससे भी ज्यादा बढ़ाया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
LKP सिक्योरिटीज के वीपी (रिसर्च), जतिन त्रिवेदी के अनुसार, आने वाले समय में चांदी में अत्यधिक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और यह सोने की तुलना में ज्यादा अस्थिर रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और स्थिरता आने तक बाजार पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
वहीं, चॉइस वेल्थ के हेड रिसर्च अक्षत गर्ग का कहना है कि यह घबराने का समय नहीं है। सोना और चांदी पोर्टफोलियो को सुरक्षा देने वाले एसेट हैं, न कि शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के औजार। गिरावट के दौरान चरणबद्ध खरीदारी, तेजी के पीछे भागने से बेहतर रणनीति हो सकती है।