Edited By Mansa Devi,Updated: 02 Feb, 2026 04:01 PM

उत्तर प्रदेश में इस सप्ताह मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ जिलों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है, जबकि ठंडी...
नेशनश डेस्क: उत्तर प्रदेश में इस सप्ताह मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ जिलों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है, जबकि ठंडी हवाओं का असर भी महसूस किया जा रहा है। सोमवार सुबह गोंडा, बहराइच और बलरामपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा देखा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित रही।
पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। इसके चलते उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रभाव बढ़ गया है। शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे सुबह और रात की ठंड और बढ़ सकती है।
प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश वज्रपात की संभावना
मौसम का मिजाज सोमवार को भी अनिश्चित रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा, बहराइच और बलरामपुर समेत करीब 23 जिलों में हल्की बारिश के आसार बताए गए हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दिन में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। राजधानी लखनऊ में रविवार को फरवरी की शुरुआत अपेक्षाकृत गर्म रही। सुबह हल्का कोहरा था, लेकिन दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी हुई और अधिकतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक था।
मौसम विज्ञान केंद्र, अमौसी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू हुई है। इसका असर धीरे-धीरे प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में दो और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं, जिनके प्रभाव से 4 फरवरी तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी
मौसम विभाग ने यह भी कहा कि आने वाले 48 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 4 फरवरी के बाद बारिश का सिलसिला थमने पर तापमान में फिर हल्की गिरावट आ सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में बनी ला-नीना स्थिति धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। फरवरी महीने में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है, जिससे शीतलहर के दिन सामान्य से कम रहेंगे और कुल बारिश औसत से कम रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के लोग अगले कुछ दिनों में मौसम की बदलती स्थिति के मद्देनजर सतर्क रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें, खासकर घने कोहरे और तेज हवाओं के समय सड़क पर यात्रा करते हुए।