Delhi Bullion Market: सर्राफा बाजार में हलचल, सोना ₹1,100 रुपए टूटा, चांदी ₹5,000 सस्ती

Edited By Updated: 08 Jun, 2026 04:50 PM

stir in the bullion market gold drops by 1 100

राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोने की कीमतों में 1,100 रुपए की गिरावट दर्ज की गई और यह 1,58,800 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह गिरावट आई। स्थानीय...

बिजनेस डेस्कः राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोने की कीमतों में 1,100 रुपए की गिरावट दर्ज की गई और यह 1,58,800 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह गिरावट आई। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना शुक्रवार के बंद भाव 1,59,900 रुपए प्रति 10 ग्राम से 1,100 रुपए घटकर 1,58,800 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) रह गया। इसी तरह, चांदी की कीमतों में भी दबाव देखने को मिला। चांदी का भाव 5,000 रुपए टूटकर 2,55,700 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर आ गया। पिछले सत्र में इसका बंद भाव 2,60,700 रुपए प्रति किलोग्राम था। 

विश्लेषकों के मुताबिक, कीमती धातुओं में यह गिरावट हाल में देखी जा रही कमजोरी का ही विस्तार है। निवेशक अब सुरक्षित निवेश के बजाय बढ़ती ऊर्जा कीमतों से महंगाई पर पड़ने वाले असर पर कहीं अधिक ध्यान दे रहे हैं। लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, "अमेरिका में उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़े आने से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस वजह से सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों को लेकर आकर्षण कम हुआ है।" उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया, खासकर इजराइल से जुड़ी हाल की घटनाओं ने भी बाजार में अस्थिरता बढ़ाई है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना करीब एक प्रतिशत गिरकर 4,291.79 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1.34 प्रतिशत घटकर 66.93 डॉलर प्रति औंस रही। इस बीच, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब पांच प्रतिशत चढ़कर 97.44 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। पीएल वेल्थ के प्रमुख (उत्पाद एवं पारिवारिक कार्यालय) राजकुमार सुब्रमण्यन ने कहा, "अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि ब्याज दरें अभी लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। इस धारणा से डॉलर मजबूत हुआ है और निवेश के लिए सोने-चांदी उतने आकर्षक विकल्प नहीं रह गए हैं।" 

उन्होंने कहा कि अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों से पहले निकट अवधि में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में सोना निवेशकों के लिए महंगाई के असर से बचाव का एक भरोसेमंद साधन बना रहेगा।
 

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