Silver News: चांदी के आयात पर पाबंदी जारी रही तो त्योहार-शादी के सीजन में हो सकती है कमी

Edited By Updated: 04 Jul, 2026 04:33 PM

the country could face a silver shortage

देश में चांदी के आयात पर मौजूदा प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहने की स्थिति में आगामी त्योहारों और शादी के सीजन के दौरान चांदी की कमी देखने को मिल सकती है। मेटल्स फोकस के सीनियर कंसल्टेंट (दक्षिण एशिया एवं मध्य पूर्व) हर्षल बरोट का कहना है कि आने वाले...

बिजनेस डेस्कः देश में चांदी के आयात पर मौजूदा प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहने की स्थिति में आगामी त्योहारों और शादी के सीजन के दौरान चांदी की कमी देखने को मिल सकती है। मेटल्स फोकस के सीनियर कंसल्टेंट (दक्षिण एशिया एवं मध्य पूर्व) हर्षल बरोट का कहना है कि आने वाले महीनों में मांग बढ़ने के साथ सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है।

वर्तमान में अधिकांश एचएस (HS) कोड के तहत चांदी के आयात के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके कारण नई चांदी का आयात सीमित हो गया है और घरेलू बाजार मुख्य रूप से पुराने स्टॉक तथा रिसाइक्ल्ड चांदी पर निर्भर है। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में बिकवाली बढ़ने से घरेलू प्रीमियम भी करीब 10 प्रतिशत तक सिमट गया है।

अगस्त-सितंबर से बढ़ने लगेगी चांदी की डिमांड

हर्षल बरोट के अनुसार, फिलहाल बाजार में उपलब्ध पुराने स्टॉक और रिसाइक्ल्ड चांदी से मांग पूरी की जा रही है। अभी मांग अपेक्षाकृत कमजोर है, इसलिए इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। हालांकि, अगस्त-सितंबर से त्योहारों और शादी के सीजन की खरीदारी शुरू होने के साथ चांदी की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि यदि तब तक आयात सामान्य नहीं हुआ, तो बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर पैदा हो सकता है। ऐसे में व्यापारियों को वैकल्पिक स्रोतों से चांदी की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। वहीं, यदि आयात दोबारा शुरू होता है तो घरेलू बाजार में प्रीमियम कम होने की संभावना है।

अगले साल 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है सिल्वर

कीमतों के अनुमान पर हर्षल बरोट ने कहा कि औद्योगिक मांग मजबूत बनी हुई है और निवेशकों का रुझान भी चांदी की ओर सकारात्मक है। मेटल्स फोकस का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में चांदी की कीमत 80 से 85 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। यदि मांग पिछले वर्ष की तरह मजबूत रही तो कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक भी जा सकती हैं।
 

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