Commodity Market: कमोडिटी मार्केट में हलचल, धड़ाम हुआ सोना-चांदी और कॉपर

Edited By Updated: 24 Jun, 2026 06:05 PM

stir in the commodity market gold silver and copper prices tumble

वैश्विक कमोडिटी मार्केट में इस सप्ताह इस हफ्ते भारी दबाव देखने को मिला है। सोना, चांदी, कॉपर, जिंक और एल्यूमिनियम समेत अधिकांश प्रमुख धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। डॉलर की मजबूती, चीन की कमजोर मांग और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की सख्त...

बिजनेस डेस्कः वैश्विक कमोडिटी मार्केट में इस सप्ताह इस हफ्ते भारी दबाव देखने को मिला है। सोना, चांदी, कॉपर, जिंक और एल्यूमिनियम समेत अधिकांश प्रमुख धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। डॉलर की मजबूती, चीन की कमजोर मांग और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति को इस गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से कमोडिटी बाजार पर दबाव बढ़ा है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिकांश कमोडिटी का कारोबार डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर धातुएं अन्य देशों के खरीदारों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है और कीमतों में नरमी आती है।

औद्योगिक गतिविधियों और ऑटो सेक्टर में सुस्ती

चीन, जो दुनिया का सबसे बड़ा धातु उपभोक्ता है, वहां औद्योगिक गतिविधियों और ऑटो सेक्टर में सुस्ती के संकेत मिल रहे हैं। इसका सीधा असर कॉपर, जिंक और अन्य बेस मेटल्स की मांग पर पड़ा है। इसके अलावा यूरोप और अमेरिका से भी अपेक्षित मांग नहीं मिलने से बाजार की धारणा कमजोर बनी हुई है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त नीति भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। ऊंची ब्याज दरों की संभावना के बीच निवेशक कमोडिटी बाजार से पैसा निकालकर बॉन्ड और डॉलर जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

कॉपर की कीमतों में लगातार गिरावट

कॉपर की कीमतों में लगातार कमजोरी बनी हुई है, जबकि चांदी में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। औद्योगिक उपयोग अधिक होने के कारण चांदी पर आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। वहीं, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतों पर भी डॉलर की मजबूती और ऊंची ब्याज दरों की आशंकाओं का दबाव बना हुआ है।

कमोडिटी बाजार पर तकनीकी शेयरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में मुनाफावसूली का असर भी देखने को मिला है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डॉलर मजबूत बना रहता है और वैश्विक मांग में सुधार नहीं होता, तो आने वाले हफ्तों में धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव और दबाव जारी रह सकता है।
 

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